इन वजहों से सिर्फ पांच महिने में ही उर्मिला ने छोड़ी कांग्रेस!

उर्मिला ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए पार्टी में चल रहे अंदरुनी राजनीति से परेशान होकर पार्टी छोड़ने की बात कही।

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बॉलीवुड से राजनीति में आई अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने महज पांच महिने में ही कांग्रेस को अलविदा कह दिया।  लोकसभा चुनाव से ठिक पहले कांग्रेस से जुड़नेवाली उर्मिला मातोंडकर ने उत्तर मुंबई की लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, हालांकी वह बीजेपी के गोपाल शेट्टी के सामने हार गई थी।  हारने के बाद भी उर्मिला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था की वह आनेवाले समय में भी पार्टी के साथ रहेगी और लोगों की सेवा करती रहेगी। लेकिन पांच महिने के बाद ही उर्मिला ने देश की सबसे पूरानी पार्टी का साथ छोड़ दिया। उर्मिला ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए पार्टी में चल रहे अंदरुनी राजनीति से परेशान होकर पार्टी छोड़ने की बात कही। 

विश्वासघात का आरोप

उर्मिला ने एक प्रेस नोट भी जारी किया। उन्होंने लिखा, मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। मैंने पहली बार तब इस्तीफे के बारे में सोचा था, जब मैंने कई प्रयासों के बाद 16 मई को तत्कालीन मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को पत्र लिखा और उनके द्वारा इस पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा मेरे गोपनीय पत्रों को ही आसानी से मीडिया में लीक कर दिया गया। यह मेरे लिए विश्वासघात की तरह था।  

4,64,599 वोट से करना पड़ा था हार का सामना
उत्तर मुंबई सीट से उर्मिला को भाजपा के गोपाल शेट्टी ने 4,64,599 वोटों से हराया था। उर्मिला ने अपनी हार ठीकरा पार्टी पर फोड़ा था। साथ ही उन्होंने पार्टी में अंदरूनी कलह का भी आरोप लगाया था।  उर्मिला ने तत्कालिन मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को एक प भी लिखा था जिसमें उन्होने कहा था की लोकसभा चुनाव के समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका समर्थन नहीं किया। अपने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान  उन्होंने बेरोजगारी, अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर भी मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए थे।

हारने के बाद भी कांग्रेस के कई कार्यक्रमों मे दिखी

भले ही उर्मिला मातोंडकर को लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन इसके बाद भी वह पार्टी की गतिविधियों में शामिल रही। पार्टी की तरफ से आयोजित किये जानेवाले कार्यक्रमों में वह शामिल हुई। हाल ही में वह विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी में सक्रिय भूमिका में दिख रही थी। लेकिन उर्मिला ने अचानाक पार्टी से इस्तीफा देकर सभी को दंग कर दिया। 

उर्मिला ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित इस्तीफे का खत 7 सितंबर को ही लिख दिया था। हालांकी अभी तक यह साफ नहीं हुआ है की पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया है या नहीं। उर्मिला ने प्रचार अभियान के दौरान मुंबई के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम के करीबी सहयोगियों संदेश कोंडविल्कर और भूषण पाटिल के आचरण की आलोचना की थी। 

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