देश के सौहार्द का ना बिगाड़े 'बड़बोले' नेता!


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मेरे प्यारे भारत देशवासियों ,बाबरी मस्जिद का फैसला आये हुये 2 दिन गुजर गये हैफैसला जो भी आया हम तहे दिल से उसका स्वागत करते हैं यह वो लोग है जिन्होंने दिल से बाबरी मस्जिद के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी , हम उनको सलाम करते है।जिन्होने इस लड़ाई को कई सौ सालों तक लड़ा और आज इस विषय पर पूर्ण विराम लगा दिया। हम उनकां भी तहें दिल से शुक्रिया अदा करते है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हमने अपना लिया है। 


हालांकी एक बात समझ में नही आई है की फैसला आने से पहले दोनों पक्षों के सभी बड़े नेताओं ने  जनता से इस मामले में शांती बनाए रखने की अपील की थी ,भाईचारा बनाये रखने की अपील की थी। नेताओं ने कहा की सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला हो उसका सम्मान के साथ स्वागत करना चाहिये। हिंदुस्तान की जनता ने बडी शांती के साथ वादा निभाया और इस फैसले को अपनाया । इसके लिए हम जनता को धन्यवाद देते है। लेकिन  जो  (राजकीय) लोग शांती बनाये  रखने की सलाह लोगो को दे रहे थे ,आज वही लोग समाज में माहौल खराब करनेवाला बयान दे रहे है। हम सोशल मीडिया पर देख रहे  है की आज वही लोग बेकार की बाते कर पब्लिक को भडकानेका काम कर रहे जो इस देश की लिये खतरे की बात है।


दोस्तों मै आप सभी से एक समाज सेवक होने के नाते विनंती करता हूं की इनके बहकावे में ना आए, ये पब्लिक को इस्तेमाल कर अपनी रोटियां सेकते और जब वक्त आता है कोई किसी के काम नही आता है।  ये हमने 1993 मे अच्छी तरह से देखा है।  जो भी लोग इस फैसले को ना मानकर री पीटिशन दायर करने की बात करते है मैं उनसे यही कहना चाहूंगा की कृपया अपनी दुकान को ताला लगाये और जनता को परेशान ना करे। 

ये पब्लिक है सब जानती आज सभी राजनीतिक दलो को एक मुद्दा मिला हुआ था जिसकी वजह से ये सत्ता के गलियारों तक पहुंचे और कुछ पीछे रहे गये। देश मे और भी बहुत सारे मुद्दे है बेरोजगारी ,मंहगाई,गरीबी ,एज्युकेशन की कमी। 

इस बात पर किसी ने भी ध्यान नही दिया। मुस्लिम समाज  और हिंदुस्तान की जनता से हमदर्दी रखना चाहते हो तो मेहरबानी कर नेता अपनी बकवास बंद करे और देश मे शांती ,भाईचारे को बनाये रखने मे मदद  करे। देश और मुस्लिम समाज के विकास के बारे में बात करे।  

साथ ही TV चैलनो से भी मेरी  गुजारिश है के वो एसे नेताओं को डिबेट के लिये ना बुलाये जो समाज में नफरत पैदा करने का काम करते है।  इन डिबेट के वजह से जनता कशमकश मे पड जाती है।


जय हिंद,जय महाराष्ट्र

( इस आर्टिकल में व्यक्त किये गए विचार मुंबई लाइव के नहीं है , इसे हमारे रिडर सागीर देशमुख ने लिखा है और ये उनके विचार है)

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