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बीजेपी में शामिल होने वाले पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के 5 फाड़ू किस्से

अब गंभीर राजनीती की पिच पर BJP की तरफ से बैटिंग करते हुए दिखाई देंगे। क्रिकेट खेलते हुए छोटे से कद का यह खिलाड़ी अपने तेज-तर्रार रवैये, अक्रामक व्यव्हार और बयानों के लिए सुर्खियां बटोरता रहा है।

बीजेपी में शामिल होने वाले पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के 5 फाड़ू किस्से
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने शुक्रवार को बीजेपी का दामन थम लिया। वे नई दिल्ली से बीजेपी चुनाव लड़ सकते हैं। यानी अब गंभीर राजनीती की पिच पर BJP की तरफ से बैटिंग करते हुए दिखाई देंगे। क्रिकेट खेलते हुए छोटे से कद का यह खिलाड़ी अपने तेज-तर्रार रवैये, अक्रामक व्यव्हार और बयानों के लिए सुर्खियां बटोरता रहा है।

साल 2011, 2 अप्रैल शनिवार का वह ऐतिहासिक दिन कौन भूल सकता है जब भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंक को हरा कर वर्ल्ड कप जीता था। इस वर्ल्ड को जितने में जिसने सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी वह थे ओपनर बैट्समैन गौतम गंभीर। आज हम बात करेंगे गौतम गंभीर से 5 किस्सो की, जो क्रिकेट के मैदान पर और बाहर काफी चर्चित रहे।

पहला किस्सा 
साल 2007 में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तानी टीम भारत दौरे पर थी। पांच एक दिवसीय मैचों की इस शृंखला का तीसरा मैच कानपूर में खेला गया था। हालाँकि वह मैच भारत ने जीत लिया था लेकिन उस मैच को गंभीर और  पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के बीच हुए तीखी बहस  के रूप में भी जाना जाता है। दरअसल एक रन लेने के दौरान शाहिद अफरीदी गंभीर के बीच में आ गए थे, इस पर इस गंभीर ने अफरीदी को अपनी कोहनी मार दी। फिर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। जिसके बाद अंपायर्स को बीच में आना पड़ा था।

दूसरा किस्सा
साल 2013 की बात है, आईपीएल 6 चल रहा था और वह मैच कोलकाता नाइटराइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला जा रहा था। कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर थे तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी विराट कोहली संभाल रहे थे। मैच के दौरान गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी की गेंद पर विराट कोहली कैच आउट हो गए। जब वे  पवेलियन की तरफ जा रहे थे, तभी किसी बात को लेकर गौतम गंभीर से उनकी जबरदस्त तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला को आगे बढ़ता देख साथी खिलाड़ियों और अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाया।

तीसरा किस्सा 
बात करते हैं साल 2015 में हो रहे रणजी ट्रॉफी की. दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली और बंगाल आमने-सामने थी। गंभीर दिल्ली की कप्तानी कर रहे थे तो बंगाल टीम के कप्तान मनोज तिवारी थे। इस मैच में गंभीर और मनोज तिवारी किसी बात पर इतना एक दूसरे से उलझ गए और मामला हाथा-पाई तक पहुंच गया।यही नहीं  गंभीर ने मनोज तिवारी को मारने की धमकी तक दे डाली। कहा जाता है कि विवाद के दौरान गौतम ने मनोज को धमकी देते हुए कहा था कि 'शाम को मिल तुझे मारूंगा'। इसके जबाव में मनोज ने कहा कि 'शाम क्या अभी बाहर चल'। मामला तब और भी गंभीर हो गया जब बीच बचाव के लिए आए अंपायर के। श्रीनाथ को गौतम गंभीर ने धक्का दे दिया।

मैदान के बाहर वाले किस्से 
यह तो रही मैदान में उनकी बातें अब मैदान का बाहर भी कुछ बात करते हैं। क्रिकेट के मैदान में गंभीर जितने आक्रामक हैं असली जीवन में वे उतने ही शांत और सामाजिक कार्य करने वाले हैं। वे छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद जवानों के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी उठाते हैं तो कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए एएसआई अब्दुल रशीद की बेटी जोहरा की आर्थिक मदद भी करते हैं।

गंभीर जब बने थे किन्नर
यही नहीं पिछले साल सितंबर महीने में लोग तब हैरान रह गए जब लोगों ने उन्हें सड़कों पर किन्नर बन घूमते देखा था। असल बात यह थी कि वे समाज में उपेक्षा और भेदभाव के शिकार किन्नर समाज की मदद के लिए आगे आये थे और उसी कार्यक्रम समारोह में उन्होंने खुद माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा पहना हुआ था। उनकी यह फोटो कफी वायरल हुई थी।

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