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जज की नौकरी के पहले ही खड़ा कर दिया 500 करोड़ का बिजनस

महाराष्ट्र के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशू एम.देवकते का सफर

जज की नौकरी के पहले ही खड़ा कर दिया 500 करोड़ का बिजनस
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देश की न्याय व्यवस्था पर करोड़ो मामलो को बोझ है। मामलो की संख्या को देखते हुए देश के न्यायलयो मे इन मामलो को सुनने और उसपर फैसले देनेवाले जजो की संख्या भी मामलो को अनुपात मे काफी कम है। भारत की अदालतों में 6 हजार से ज्यादा जजों की कमी है। इनमें से 5 हजार जजों की कमी निचली अदालतों में है। कानून मंत्रालय द्वारा जारी डाटा के मुताबिक, देश में 10 लाख की आबादी पर सिर्फ 19 जज हैं।

इतने दबाब मे जजो पर कई बार काम का बोझ इतना बढ़ जाता है की उनकी पर्सनल लाइफ पर भी इसका असर पड़ता है। हालांकी इसके बाद भी कई जज है जो जनसेवा मे अपना पूरा समय देने के बाद भी अपने लिए अन्य विकल्पो को भी सफलतापूर्वक शुरु करते है। एसी ही कुछ कहानी है महाराष्ट्र के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशू एम.देवकते की। 

20 मार्च 1997 को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में पैदा हुए हिमांशू एम.देवकते  ने मुंबई के गर्वमेंट लॉ कॉलेज से LL.B की पढ़ाई पूरी की। उनके माता-पिता पुलिस विभाग/सरकारी कर्मचारी हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद हिमांशु 2021 में ठाणे जिला न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में न्यायपालिका में शामिल हो गए। उनके दादा/परिवार प्रसिद्ध राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 

20 मार्च 2016 को यानी की वकिल बनने से पहले ही हिमांशु ने हिमांशु ग्रुप ऑफ़ कंपनीज की स्थापना की थी। इतने कम उम्र मे अपना खुद का बिजनस शुरु करना ही अपने आप मे एक बड़ा कदम होता है। हालांकी हिमांशु ने अपने इस सपने को साकार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। अपना बिजनस शुरु करने के कुछ सालो के भीतर ही हिमांशु ने  हिमांशु एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, हिमांशु रेस्ट्रो क्लब/पब , हिमांशु अपैरल्स टेक्सटाइल्स , अजमेरी फाउंडेशन जैसे संस्थानो की भी शुरुआत की। आज के समय मे इन सभी कंपनियो का कुल टर्नओवर 500 करोड़ से भी उपर है।  

हिमांशु ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के मालिक और एमडी हिमांशू एम.देवकते को यात्रा का भी शौके है। बिजनस के काम से फुरसत पाने के बाद हिमांशु देश की अलग अलग जगहो पर ट्रैवल करते है।

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