देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे के बीच डेढ़ घंटे तक हुई बैठक, महाराष्ट्र में बनेगा नया समीकरण?

राजनीति के जानकार एक बात और बताते हैं कि शिवसेना अब बीजेपी से अलग हो चुकी है और उसे महाराष्ट्र में गठबंधन के दलों यानी कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी से मुकाबले के लिए मनसे की जरूरत पड़ सकती है।

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महाराष्ट्र की राजनीती में इस समय नए-नए स्म्मिकर्ण बनते दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की। बताया जाता है कि दोनों के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। अब इनके बीच क्या चर्चा हुई यह अभी तक सामने नहीं आया है।

 इन दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में बीजेपी और मनसे एक साथ दिखाई दे सकते हैं। ऐसा इसीलिए भी क्योंकि मनसे के नेता बाला नांदगांवकर भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि मनसे के सामने सभी विकल्प खुले हैं राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है।  

राजनीति के जानकार एक बात और बताते हैं कि शिवसेना अब बीजेपी से अलग हो चुकी है और उसे महाराष्ट्र में गठबंधन के दलों यानी कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी से मुकाबले के लिए मनसे की जरूरत पड़ सकती है।

यही नहीं महाराष्ट्र के पालघर में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के दौरान वहां के बैनरों में बीजेपी और मनसे के नेताओं की तस्वीरें एक ही बैनर में लगी हुई थीं, इसमें पीएम मोदी और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे भी एक साथ थे।

आपको बता दें कि सरकार गठन के दौरान जब विधानसभा में उद्धव सरकार का बहुमत परीक्षण हो रहा था तो मनसे के विधायक ने उद्धव के पक्ष में वोट नहीं किया था।  

गले मिले दिल मिलेंगे?
यही नहीं लोकसभा चुनाव से पहले भी मनसे प्रमुख राज ठाकरे रैली पर रैली करके बीजेपी के खिलाफ 'विडियो लाव रे' अभियान भी शुरू किये हुए थे, और यह अभियान काफी प्रचलित भी हुआ था। इससे मनसे और बीजेपी के बीच मतभेद काफी बढ़ गये थे, और राज ठाकरे ने कई मुख्यमंत्रियों से मिल कर ईवीएम पर बैन लगाने की भी मांग की थी। तो आगे ये दोनों नेता एक साथ आकर गले मिलते हैं तो क्या दिल भी मिलेंगे?

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