
एकनाथ शिंदे (eknath shinde) ने 40 विधायकों के साथ बगावत की और भाजपा(bjp) के साथ सरकार बनाई। इससे राज्य में महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई। अब शिवसेना में दो गुट हैं और शिंदे समूह ने दावा किया है कि हम असली शिवसेना हैं। दूसरी ओर, शिवसेना (shiv sena ) ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले विधायकों ने व्हिप तोड़ा। इस बीच शिवसेना ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की हैं जिसे आज सुना जाएगा।
तीन सदस्यीय पीठ के सामने अहम सुनवाई
व्हिप तोड़ने पर एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिवसेना ने कोर्ट में याचिका दायर की है। शिवसेना की ओर से दायर सभी याचिकाओं पर आज चीफ जस्टिस एन. वी रमन्ना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने अहम सुनवाई होगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान सरकार का भविष्य इस पीठ के फैसले पर निर्भर करता है, इसलिए इस सुनवाई पर राज्य और देश की नजर है। शिवसेना ने नई सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की हैं। शिंदे समूह को सरकार बनाने की राज्यपाल की अनुमति, विधायकों द्वारा तोड़े गए व्हिप, विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव और बहुमत के खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय पीठ नियुक्त की थी और उनसे इस संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई करने को कहा था। इस बेंच के मुताबिक चीफ जस्टिस एन. वी रमन्ना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की बेंच के सामने आज सुनवाई होगी।
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