लोकसभा चुनाव: सट्टा बाजार भी एनडीए के पक्ष में, किस नेता का कितना भाव, जानें यहां

ऐसा कहा जाता है कि राजनीति को लेकर सट्टे बाजार का दांव हमेशा सटीक बैठता है। बाजार में जिस पार्टी की हवा रहती है सट्टा बाजार भी उसी पर अधिक दांव लगाता है और यह दांव कई बात सही भी हो जाता है।

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अगर आपको लगता है कि लोकसभा चुनाव में केवल नेताओं और वोटरों की नजर है तो आप गलत हैं। इस चुनाव में आपसे अधिक नजर सट्टा बाजार का लगा हुआ है। मुंबई की सभी छह लोकसभा सीट पर हुए चुनाव में सट्टा बाजार में भी काफी हलचल है। इस बार सट्टा बाजार ने जिस पार्टी पर अधिक दांव लगाया है वह है बीजेपी-शिवसेना पर। सट्टा बाजार ने छह सीटों में से 5 सीटों पर बीजेपी के पक्ष में दांव लगाया है। जिस एक सीट पर बीजेपी के आने के चांसेस कम हैं वो है दक्षिण मुंबई वाली सीट, जहां से कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा और शिवसेना से अरविंद सावंत चुनाव लड़ रहे हैं।

बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव को लेकर सट्टा बाजार में बीजेपी पार्टी पर करोड़ो रुपए का दांव लगाया गया है। सटोरियों की पहली पसंद बीजेपी है। सूत्रों के मुताबिक अगर किसी ने जिस पार्टी पर दांव लगाया है अगर वह जीत गयी तो उसे एक हजार रुपए के पीछे 500 रुपए मुनाफा मिलेगा, लेकिन अगर किसी ने हारने वाली पार्टी पर दांव लगाया है और वह पार्टी जीत जाती है तो उसे एक हजार रुपए के पीछे 2000 हजार रुपए मिलते हैं।

सूत्रों की मानें तो उत्तर मुंबई से एनडीए के उम्मीदवार गोपाल शेट्टी पर सट्टा बाजार में 27 पैसे का भाव लगाया गया है, जबकि उनके विरोध में खड़ी यूपीए की उम्मीदवार और अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर पर 3 रुपए का भाव लगाया गया है। तो वहीँ उत्तर पश्चिम सीट पर एनडीए के उम्मीदवार गजानन कीर्तिकर पर 65 पैसा तो यूपीए के उम्मीदवार संजय निरुपम पर 1.10 रुपए का भाव लगा है। इसी तरह से राहुल शेवाळेले पर 45 पैसा, एकनाथ गायकवाड 1 रुपये 60 पैसे, संजय दीना पाटील 1 रुपये 17 पैसे, मनोज कोटक 70 पैसे, पूनम महाजन 55 पैसे, प्रिया दत्त 1 रुपया, अरविंद सावंत 54 पैसे तो मिलिंद देवरा पर 52 पैसे का भाव लगा है।

ऐसा कहा जाता है कि राजनीति को लेकर सट्टे बाजार का दांव हमेशा सटीक बैठता है। बाजार में जिस पार्टी की हवा रहती है सट्टा बाजार भी उसी पर अधिक दांव लगाता है और यह दांव कई बात सही भी हो जाता है। पांच महिना पहले जिन पांच राज्यों में चुनाव हुए थे उस समय कांग्रेस के पक्ष में सट्टा बाजार ने भाव लगाया था, नतीजा भी वही आया। इसिलिय ऐसा कहा जा सकता है इस बार बीजेपी के साथ सट्टा बाजार भी है।  

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