महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन, राज्यपाल ने एडवोकेट जनरल से की चर्चा

बीजेपी के नेता जैसे ही गवर्नर से मुलाकात करके राजभवन से बाहर आए, उसके फ़ौरन बाद एडवोकेट जनरल राजभवन पहुंच गये।

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महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान जारी है, कोई भी पार्टी सरकार बनाने का दावा नहीं कर रही है जबकि राज्यपाल से शिव सेना और बीजेपी दोनों दल के नेता मिल चुके हैं। यही नहीं सरकार का कार्यकाल कल यानी 8 नवंबर को आधी रात के बाद समाप्त हो जाएगा, तो ऐसे में राज्यपाल भगतसिंग कोश्यारी ने महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोणी को राजभवन चर्चा के लिए बुलाया और राज्य में राष्ट्रपति शासन की बन रही संभावनों को लेकर उनके साथ बात की।

गुरूवार को बीजेपी के नेताओं ने भी राज्यपाल से मुलाक़ात की, लेकिन इस मुलाकात में उन्होंने सरकार बनाने को लेकर कोई भी दावा पेश नहीं किया। बीजेपी के नेता जैसे ही गवर्नर से मुलाकात करके राजभवन से बाहर आए, उसके फ़ौरन बाद एडवोकेट जनरल राजभवन पहुंच गये।  

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा हो सकता है कि एडवोकेट जनरल और राज्यपाल के बीच कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर चर्चा हो। साथ ही एडवोकेट जनरल प्रदेश में स्थायी सरकार के गठन के संबंध में संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्यपाल को सलाह भी दे सकते हैं।

सरकार गठन को लेकर गवर्नर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं और बहुमत परीक्षण का वक़्त निर्धारित कर सकते हैं। लेकिन अगर कोई भी पार्टी बहुमत सिद्ध नहीं कर पाई तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है।

आपको बता दें कि राज्य भी सत्ता को लेकर अभी भी बीजेपी और शिव सेना के बीच गतिरोध जारी है। शिव सेना जहां 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो बीजेपी किसी भी कीमत पर सीएम का पद छोड़ना नहीं चाहती। अब देखना होगा कि आने वाले एक यादो दिनों में सरकार गठन को लेकर कितनी संभावना बनती है।

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