शिव सेना को हॉर्स ट्रेडिंग का डर, अपने सभी विधायकों को होटल में किया शिफ्ट

कहा जा रहा है कि 8 तारीख को वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तब तक सरकार बनती है तो ठीक वर्ना राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है, तो ऐसे में फिर से इन सभी विधायकों की जरूरत पड़ सकती है।

SHARE

गुरूवार को शिव सेना ने मातोश्री में अपने सभी विधायकों की बैठक की थी। बैठक के बाद सभी विधायकों को रंगशारदा होटल में शिफ्ट कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार विधायकों को लेकर शिवसेना (Shiv Sena) को अब हॉर्स ट्रेडिंग (Horse Trading) का डर सता रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि 8 तारीख को वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तब तक सरकार बनती है तो ठीक वर्ना राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है, तो ऐसे में फिर से इन सभी विधायकों की जरूरत पड़ सकती है।

शिवसेना को हॉर्स ट्रेडिंग का डर
महाराष्ट्र में चुनाव का रिजल्ट आये हुए लगभग 13 दिन बीत चुके हैं। बावजूद इसके नई सरकार के गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। शिव सेना अभी भी 50-50 के फार्मूले को लेकर अड़ी हुई है जबकि बीजेपी किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री का पद शिव सेना को नहीं देना चाहती। शिवसेना को डर है कि बीजेपी सरकार बनाने के लिए उसके विधायकों को तोड़ कर अपने साथ मिला सकती है और इस तरह से बहुमत के आंकड़े को छू सकती है।

पढ़ें: उद्धव ठाकरे के सवाल पर बीजेपी चुप!

इन्हीं सब असमंजस के बीच गुरूवार को मातोश्री में शिव सेना ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई। बताया जाता है कि इस बैठक में सभी विधायकों पार्टी के प्रति निष्ठा की शपथ दिलवाई गई। बैठक के बाद शिव सेना ने अपने सभी विधायकों को रंगशारदा होटल में शिफ्ट कर दिया।

इस बारे में शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने कहा कि, हम आने वाले दो दिन तक रंगशारदा होटल में रुकने वाले हैं। हम सभी वैसा ही करेंगे जैसा उद्धव ठाकरे कहेंगे।

यानी वर्तमान सरकार के कार्यकाल तक इन विधायकों को इसी होटल में रोक कर रखा जाएगा। अगर देखा जाए तो  महाराष्ट्र की राजनीति में अभी क्लाइमेक्स बाकी है। आने वाले दो दिनों में अभी लोगों को बहुत कुछ देखना और सुनना बाकी है।महाराष्ट्र की राजनीति इस समय किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है।

पढ़ें: शिवसेना विधायको की बैठक में फैसला, मुख्यमंत्री पद पर अड़ी रहेगी पार्टी!

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें