राज्य की 30 तो मुंबई की इन 3 सीटों पर शिवसेना-बीजेपी को उन्हीं के बागी नेता दे सकते हैं झटका

विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना को 30 सीटों पर उन्हीं के बागी नेता झटका दे सकते हैं। ये बागी वे लोग हैं जिन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया है, और अब ये निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

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विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना को 30 सीटों पर उन्हीं के बागी नेता झटका दे सकते हैं। ये बागी वे लोग हैं जिन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया है, और अब ये निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव से पहले ऐसे कई कांग्रेस, एनसीपी और अन्य पार्टियों के कई बड़े नेता और पूर्व मंत्री बीजेपी और शिव सेना में शामिल हुए थे। अब इन्हीं लोगों को कई सीटों से टिकट दिया गया जिससे स्थानीय उम्मीदवार नाराज हो गये और उन्होंने पार्टी छोड़ कर बगावती रुख अपना लिया है।

इस चुनाव में राज्य भर में ऐसे 50 विधानसभा सीट जहां से सभी पक्षों के 144 बागी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें सबसे अधिक बागी उम्मीदवार बीजेपी और शिव सेना के हैं। इसका सबसे बड़ा कारण गठबंधन है, क्योंकि गठबंधन होने के बाद ऐसी कई सीटें हैं जहां से दोनों पार्टियों के कई उम्मीदवारों को उम्मीदवारी नहीं मिली बल्कि युति के उम्मीदवारी को मिली है।

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हालांकि ऐसी भी कई सीटें हैं जहां से बागी उम्मीदवारों को मना लिया गया लेकिन राज्य में अभी भी 30 सीटें ऐसी हैं जहां से बागी विधायक निर्दलीय लड़ रहे हैं।

मुंबई में भी ऐसी 3 सीटें हैं जहां से शिवसेना के बागी नेता चुनाव लड़ रहे हैं। वर्सोवा विधानसभा सीट से शिव सेना की नगरसेवक राजुल पटेल ने विधायकी के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। बांद्रा पूर्व से शिव सेना की विद्यमान तृप्ति सावंत की सीट भी इस बात छीन कर मुंबई के महापौर सुनील महडेश्वर को दी दी गयी जिसके बाद तृप्ति  निर्दलीय लड़ रही हैं। यही नहीं अंधेरी पूर्व से बीजेपी के पूर्व नगरसेवक मुरजी पटेल भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि यहां से शिव सेना के उम्मीदवार रमेश लटके को टिकट दिया गया है।

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