अधिवेशन का तीसरा दिन भी पानी में !

भारी हंगामे के बीच विधानसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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राज्य में चल रहे शीतकालिन अधिवेशन का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा । विधानसभा में हो रहे हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने विधानसभा की कार्रवाई को सोमवार तक के लिए स्थिगित कर दिया। मराठा-धनगर-मुस्लिम आरक्षण, सूखा, किसानों के कर्ज, अवनी वाघिन, अंगवाड़ी सेवा के प्रश्नों को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्षियों की मांग है की मराठा आरक्षण की रिपोर्ट को सदन में पेश किया जाए , नही तो सदन की कार्रवाई नही चलने दी जाएगी।

नौ दिन ही चलेगा अधिवेधन
इस साल शीतकालिन अधिवेशन मुंबई में रखा गया है। अधिवेशन सिर्फ 9 दिन ही चलेगा। विपक्षी पार्टियों की मांग है की अधिवेशन को 9 दिनों से बढ़ाकर 4 हफ्तों का किया जाए। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इसके लिए राज्यपाल से भी मुलाकात की थी। शुक्रवार को गुरुनानक जयंती होने के कारण सरकारी छूट्टी है। लिहाजा इस तरह से हर रोज सदन का कामकाज बाधित होना जनता के लिए ठिक नहीं है।

मराठा आरक्षण के बाद वरिष्ठ विधायक गणपतराव देशमुख ने धनगर आरक्षण का मुद्दा उठाया। देशमुख ने कहा की धनगर समाज के लिए आरक्षण की रिपोर्ट को पेश नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नता राधाकृषण विखे पाटिल ने मराठा आरक्षण रिपोर्ट को सदन में पेश करने की मांग की। हालांकी दोनों ही मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सफाई दी , लेकिन सफाई के बाद भी विपक्षी पार्टियों का हंगामा जारी रहा।

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