मुख्यमंत्री के 'उत्तर भारतीय' बयान से मनसे खफा


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जहां एक तरफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना उत्तरभारतीयों के मराठियों की नौकरी और उनका हक़ छीनने का आरोप लगा कर उनके साथ मार पीट करती है तो वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस में उत्तरभारतीयों को मुंबई का गौरव बताया है। मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य पर मनसे ने उन्हें घेरने की कोशिश की।

'उत्तरभारतीय मुंबई का गौरव'
फडणवीस बुधवार को घाटकोपर में शिक्षण महर्षि आई.डी सिंह चौक का उद्‌घाटन करने पहुंचे थे जहां बड़ी मात्रा में उत्तर भारतीय मौजूद थे। फडणवीस में आगे कहा कि मुंबई में अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोग अलग-अलग बोलियां बोलते हैं। यहां चार-चार पीढ़ियों से रहने वाले लोग मराठी हैं, चाहे वे कोई भी भाषा बोलते हों। उन्होंने आगे कहा कि मुंबई के गौरव में कई बातें सहयोग करती हैं उन्हें बाहर से आये हुए लोग भी शामिल हैं।

मनसे ने मुद्दा बाबा साहेब से जोड़ा

सीएम के इस उत्तर भारतीय प्रेम पर किसी पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन परप्रान्ती का विरोध करने वाली मनसे ने तुरंत सीएम के इस उत्तर भारतीय प्रेम पर निशाना साधा। मनसे ने एक फेसबुक पोस्ट किया जिसमें बाबा साहेब आंबेडकर का फोटो लगा है जिसमें उन्होंने अपने विचार व्यक्त किया है। इसमें लिखा है कि मुंबई शहर के लिए अगर मराठियों ने मेहनत नहीं की होती तो मुंबई वैभवशाली नहीं होती। इसमें आगे लिखा गया है कि मुंबई को पानी, बिजली, श्रम, उद्योगधंधा सब महाराष्ट्र देता है, अगर महाराष्ट्र के मन में आया तो मुंबई मोहनजोदड़ो यानी मृत नगरी बन जाएगी।

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फडणवीस के उत्तरभारतीय प्रेम पर मनसे ने चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ बीजेपी के नेता वोटो से से लाचार हैं। मनसे के अनुसार मुंबई का विकास बाहरी लोगों ने नहीं किया है बल्कि बड़ी संख्या मुंबई का विकास खो गया है।

भैया भूषण दो
मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र भूषण नहीं बल्कि भैया भूषण देना चाहिए।

नाना पाटेकर भी नाराज 
अभिनेता नाना पाटेकर मनसे की इस परप्रांती राजनीती से नाराज दिखे। उन्होंने कुछ समय पहले फेरीवालो का पक्ष लेते हुए मनसे की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि मैंने अपना मत व्यक्त किया था। नाना ने आगे कह कि राज ठाकरे को कुछ नुकसान नहीं हुआ बल्कि मनसे ने अपना वोट खो दिया।

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