Advertisement

'राज ठाकरे जैसे नेता को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए'

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे (mns chief raj thackeray) ने रविवार को भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों के खिलाफ एक मोर्चा निकाला था,

'राज ठाकरे जैसे नेता को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए'
SHARES


महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे (mns chief raj thackeray) ने रविवार को भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों के खिलाफ एक मोर्चा निकाला था, इस मोर्चे के जरिए राज ठाकरे ने बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों घुसपैठियों को बाहर करने की मांग की थी। अब इसे लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (sharad pawar) ने राज ठाकरे (Raj thackeray) पर तंज कसा है कि राज ठाकरे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।

राज ठाकरे ने अपने मोर्चा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि, पत्थर का जवाब पत्थर से दिया जाएगा और तलवार से जवाब दिया जाएगा,  यही नहीं उन्होंने सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ विरोध करने वालों को भी चेताया था।  

पढ़ें: 'महाराष्ट्र में पत्थर और तलवार की भाषा नहीं चलेगी', मलिक ने दिया राज ठाकरे को जवाब

राज के इस भाषण पर, शरद पवार ने जवाब दिया कि कुछ लोगों के बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। जो उन्होंने कहा वह चला गया। लोग ऐसे नेताओं के भाषण केवल देखने और सुनने के लिए आते हैं। पवार ने कहा कि इस तरह के भाषणों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।

राज ठाकरे ने पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गिरगांव के हिंदू कॉलोनी से आजाद मैदान तक एक मोर्चा रैली निकाली थी। कहा जाता है कि इस मोर्चा रैली के लिए राज्य भर से लगभग 1.5 लाख लोग आए थे। इस मोर्चा रैली के जरिए राज ठाकरे ने पार्टी की ताकत भी दिखाई। यही नहीं राज ठाकरे ने मस्जिद के लाउड स्पीकर और  हिंदुत्व जैसे मुद्दों के साथ-साथ और पार्टी के झंडे को भी भगवा में पेश किया।  इस मार्च के माध्यम से, राज ठाकरे ने भाजपा सरकार के CAA और nrc कानून का खुलकर समर्थन किया था।

पढ़ें: आज़ाद मैदान में गरजे राज ठाकरे, रैली में लगे जय श्री राम के नारे

Read this story in English or मराठी
संबंधित विषय
Advertisement