बीएमसी चुनाव में कांग्रेस मारेगी बाजी?

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बीएमसी चुनाव में कांग्रेस मारेगी बाजी?

मुंबई - शिवसेना-बीजेपी के रास्ते अलग हो हो चुके हैं, युती टूट गई है। 1992 के चुनाव बाद पहली बार बीजेपी, शिवसेना अकेले चुनावी मैदान में उतरेंगी। 1992 में युती ना होने का स्पष्ट फायदा कांग्रेस को हुआ था, कांग्रेस ने बीएमसी के चुनाव में 112 सीटें जीती थी। अब सवाल खड़ा होता है कि जब एकबार फिर 1992 वाले हालात बन गए हैं तो क्या कांग्रेस फिरसे बाजी मार सकती है?

शिवसेना और बीजेपी की 1989 से युती थी। पर 1992 में युती टूटी और अकेले अकेले चुनावी मैदानों में बीजेपी, शिवसेना उतरी इस चुनाव में कांग्रेस ने सबसे अधिक 112 सीटें जीती। इस चुनाव में शिवसेना को 69, बीजेपी को 14, जनता दल को 8, भारतीय कम्युनिस्ट दल को 2, मुस्लिम लीग को 5, कामगार आघाडी को 1 सीट मिली। जिसके बाद कांग्रेस के नगरसेवक चंद्रकांत हंडोरे महापौर बने।

अगले चुनाव में शिवसेना-बीजेपी की युती हुई लगातार 25 सालों तक बीएमसी में शिवसेना का भगवा झंडा लहराया, पर जब अब बीजेपी, शिवसेना के रास्ते अलग हो गए हैं तो क्या कांग्रेस बाजी मारेगी?

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