उत्तर मुंबई को फिर मिला 'राम नाईक'!

गोपाल शेट्टी ने कांग्रेस की उर्मिला मातोंडकर को हराकर इस सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।

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23 मई को लोकसभा चुनाव के लिए वोट की गिनती की गई। केंद्र में एक बार फिर से मोदी सरकार की वापसी हुई है। बीजेपी ने अकेले अपने दम पर 300 का आंकड़ा पार किया। लेकिन इस बार के चुनाव में भी कुछ ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने न ही सिर्फ अपनी जीत दर्ज की बल्कि अपने पिछले बार के जीत के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। 


उत्तर मुंबई सीट से बीजेपी के गोपाल शेट्टी ने न ही सिर्फ एक और बार इस सीट से जीत दर्ज की बल्कि पिछले बार के अपने जीत के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गोपाल शेट्टी ने कांग्रेस के संजय निरूपम 2 लाख 46 हजार वोटों से हराया था तो वही इस बार अभिनेत्री और कांग्रेस उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर को  4 लाख 65 हजार मतों से हराया। गोपाल शेट्टी की जीत सिर्फ इसलिए अहम नही हो जाती है कि उन्होंने दूसरी बार अपनी जीत दर्ज की, बल्कि इस बात से भी उनका कद बढ़ता दिखता है कि उन्होंने दूसरी बार भी अपने जीत के अंतर को आगे बढ़ाया।

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नही काम आया ग्लैमरस चेहरा और मनसे फैक्टर


उर्मिला मातोंडकर एक जानी मानी अभिनेत्री है, उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है, लेकिन इस भीड़ को वह वोट में नही बदल पाई। इसके साथ ही महाराष्ट्र में राज ठाकरे ने खुलकर बीजेपी शिवसेना को वोट न देने की अपील की थी, कई बार तो मनसे कार्यकर्ता उर्मिला की रैलीयों में भी दिख जाते थे, बावजूद इसके जीतने की बात तो दूर गोपाल शेट्टी के जीत के मार्जिन को भी वह कम न कर  सकी।


राम नाईक जीते थे लगातार पांच बार


उत्तर मुंबई की सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इस सीट से पूर्व सांसद और मौजूद समय मे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने लगातार पांच बार जीत दर्ज की थी। साल 1989 से साल 2004 तक वह लगातार पांच बार इस लोकसभा सीट से विजयी हुए। हालांकि साल 2004 में अभिनेता गोविंद और साल 2009 के लोकसभा चुनाव में  कांग्रेस के  संजय निरूपम के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गोपाल शेट्टी ने नरेंद्र मोदी लहर में जीत का रिकॉर्ड बनाया।


नेता से लेकर अभिनेता तक को हराया

जहा साल 2004 के लोकसभा चुनाव में राम नाईक को अभिनेता गोविंदा ने शिकस्त दी थी तो वही साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने राम नाईक को हराया था। हालांकि गोपाल शेट्टी के मामले में ये बात एकदम उलट बैठती है, गोपाल शेट्टी ने संजय निरुपम जैसे नेता से लेकर उर्मिला मातोंडकर जैसी अभिनेत्री को लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त दी है।  हालांकि ये बात भी सच है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपना सीधा संपर्क बनाया है उसका फायदा बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हुआ है।


कांग्रेस ने किये हर तरह के प्रयोग


साल 2014 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद इस बार कांग्रेस नेता संजय निरुपम उत्तर मुंबई सीट से चुनाव लड़ने से बचते दिखे। कांग्रेस ने इस सीट से अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर को मैदान में उतारा, पर वो चेहरा भी लोगों के बीच राजनीति रूप से जगह नही बना पाया। कांग्रेस ने इस सीट पर नेता से लेकर अभिनेता तक का प्रयोग कर लिया बावजूद गोपाल शेट्टी के जीत के मार्जिन को कम नही कर सकी है।


कहते है राजनीति में कुछ भी हमेशा के लिए नही होता है, हार और जीत तो चलती रहती है। लेकिन जिस तरह से इस सीट को गोपाल शेट्टी ने एक बार फिर से बीजेपी का गढ़ बना दिया है उसे देखते हुए लगता है गोपाल शेट्टी राम नाईक का इतिहास दोहरा सकते है। 


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