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नालासोपारा में सनातन संस्था के सदस्य वैभव राउत के घर मिले बम और हथियार के जखीरों से अब विपक्ष गंभीर सवाल उपथित कर रहा है। विधानसभा के विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आने वाली ईद  में राज्य के धार्मिक स्थलों पर बम विस्फोट कर धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी? उन्होंने सरकार को भी कठघरे में रखते हुए सवाल किया कि राज्य सरकार सनातन और हिंदू जनजागृति समिति जैसे विघटनकारी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र से मांग करेगी?

 
 मालेगांव पार्ट-2 क्यों?
 पत्रकारों से बात करते हुए विखे पाटिल ने कहा कि एटीएस ने बम रखने के आरोप में जिस युवक को गिरफ्तार किया है वह सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति से संबंधित है और उसके ऊपर पहले से ही दंगा करने का आरोप दर्ज हैं। जबकि उसके बचाव में हिंदूजागृति वाले मालेगांव पार्ट-2 की संज्ञा दे रहे हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि धार्मिक सौहाद्र को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी तो 'मालेगांव पार्ट -2' शब्द क्यों कहा गया?

'क्या केंद्र से बात करके प्रतिबंध लगाएंगे'
पाटील ने सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि बताया जाता है कि डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, कामरेड गोविंदराव पानसरे, प्रोफेसर कलबुर्गी और पत्रकार गौरी लंकेश जैसों की हत्या सनातन और हिंदू जनजागृति समिति के कट्टर विचारधारा लोगों ने की क्योंकि हत्या के लिए जिस पिस्तौल का उपयोग किया गया था उससे यह पता चला। अभी यह मामला कोर्ट में है इसका फैसला क्या आएगा यह कहा नहीं जा सकता लेकिन भविष्य में इस तरह की कोई अप्रिय घटना न हो इसीलिए क्या बीजेपी-शिवसेना सरकार ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्काल केंद्र सरकार से मांग करेगी?

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