शिवाजी के वंशजों को भी मिलना चाहिए राष्ट्रपति की तरह सम्मान - संभाजी भिड़े

एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, छत्रपति परंपरा हिंदुस्तान की पारंपरिक परंपरा है। उनके वंशजों का अपमान देश का अपमान है। उनके वंशजों को भी राष्ट्रपति की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए।

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शिवप्रतिष्ठान संगठन के अध्यक्ष संभाजी भिड़े (sambhaji bhide) ने शिवाजी के वंशजों को राष्ट्रपति की तरह ही सम्मान दिए जाने की मांग की है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, छत्रपति परंपरा हिंदुस्तान की पारंपरिक परंपरा है। उनके वंशजों का अपमान देश का अपमान है। उनके वंशजों को भी राष्ट्रपति की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए। उनके बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay raut) को तत्काल पद से हटा देना चाहिए।


'शिवाजी महाराज के वंशजों का अपमान बर्दाश्त नहीं' 

शुक्रवार को भिड़े ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए संजय राउत की आलोचना की। उन्होंने कहा, उदयन राजे के बारे में संजय राउत का बयान बहुत गलत है। चाहे वह राउत हो या गोयल, इसे शिवाजी की परंपराके खिलाफ माना जाएगा। नरेंद्र मोदी की शिवाजी से तुलना गलत है। छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशजों के अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें राष्ट्रपति के समान की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए।


संजय राउत द्वारा ने अभी हाल ही में शिवाजी के वंशज उदयन राजे पर शिवाजी के वंशज को होने को लेकर संदेह प्रकट करते हुए सवाल उठाया था। जिसके विरोध में संभाजी भिड़े के 'शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान' संगठन ने आज सांगली में बंद का आव्हान किया है।


'समाज के स्वास्थ्य को न बिगाड़ें उद्धव' 

संभाजी भिड़े ने आगे कहा, हमारा बंद किसी भी पार्टी या शिवसेना के खिलाफ नहीं है। इसके विपरीत, मेरा विचार है कि शिवसेना का विस्तार होना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे समाज के स्वास्थ्य को बिगाड़ें नहीं।  


आपको बता दें कि एक कार्यक्रम में बात करते हुए राउत ने कहा था कि, उदयन राजे को अपने शिवाजी का वंशज होने का सबूत देना चाहिए। राउत के इस बयान के बाद उदयन के समर्थकों सहित बेजीपी ने भी विरोध किया था।  


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