कार्य आदेश जारी नहीं होने वाले प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार ने लगाई रोक

महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को शहरी विकास विभाग के तहत परियोजनाओं पर रोक लगा दी, जहां 2019-2020 के लिए स्थानीय निकायों को धनराशि वितरित की गई थी

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शिवसेना की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को शहरी विकास विभाग के तहत परियोजनाओं पर रोक लगा दी, जहां 2019-2020 के लिए स्थानीय निकायों को धनराशि वितरित की गई थी, लेकिन कार्य आदेश जारी नहीं किए गए थे। नगरपालिका परिषद प्रशासन निदेशालय, जिला कलेक्टरों और नगर निगमों को एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजनाएं जिनके लिए कार्य आदेश जारी नहीं किए गए हैं, उनपर रोक लगाई जाएगी।


शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही वह राज्य के 18वें मुख्यमंत्री बने हैं। वह महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने वाले शिवसेना परिवार में से पहले और पार्टी के तोर पर तीसरे नेता हैं। उनसे पहले मनोहर जोशी और नारायण राणे भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री बनते ही उद्धव ठाकरे लगातार एक के बाद एक फैसले लेते जा रहे है। मुख्यमंत्री बनते ही उन्होने आरे में मेट्रो कारशेड पर रोक लगाी तो वही दूसरी ओर बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा का भी फैसला कर लिया।  

अब महाराष्ट्र सरकार ने संघ से जुड़े एक ट्रस्ट को जमीन खरीद पर दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी माफ करने के फैसले को रद्द कर दिया। पूर्व की फडणवीस सरकार आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट को जमीन खरीद के रजिस्ट्रेशन के दौरान स्टाम्प ड्यूटी अदा करने से राहत देती आई है। ट्रस्ट ‘रिसर्च फॉर रिसर्जेंस’ ने नागपुर के कोटला इलाके में 105 एकड़ जमीन खरीदी है।बीते नौ सितंबर को देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली तत्कालीन सरकार ने संस्थान को इस जमीन के सौदे के लिए स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के भुगतान से छूट दी थी। अधिकारी ने कहा, 105 हेक्टेयर जमीन की खरीद के लिए 1.5 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क पर दी गई छूट को अब रद्द कर दिया गया है।

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