देवेंद्र फडणवीस सरकार के इन फैसलो को उद्धव ठाकरे ने पलट दिया

आरे और सरपंच के चुनाव जैसे कई मुद्दे है जिनको उद्धव ठाकरे सरकार ने पलट दिया है

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राज्य में देवेंद्र फड़णवीस सरकार के जाने के बाद शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे नये मुख्यमंत्री बने। शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से बनी महाविकास आघाड़ी की सरकार में उद्धव ठाकरे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस सरकार के कई फैसलो को पलट दिया है जिनमे आरे और नाणार जैसी परियोजना भी शामिल है ।महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले छह महीनों में देवेंद्र फडणवीस की सरकार द्वारा स्वीकृत सभी परियोजनाओं/प्रस्तावों की समीक्षा करने का आदेश दिया है। ठाकरे ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि जब तक महागठबंधन सरकार इन योजनाओं के लिए मंजूरी ना दे दे तब तक भुगतान जारी ना करें। 


आरे पर पलटा फैसला- कार्यभार संभालने के बाद  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जो सबसे पहला फैसला लिया उनमे सबसे अहम था आरे में बन रहे मेट्रो कारशेड के काम को रोकना। मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे ने आरे में चल रहे मेट्रो कारशेड के काम को रोक दिया इसके साथ ही एलान किया की मेट्रो कारशेड के लिए नी जगह पर जमीन की तलाश की जाएगी। अफसरों के साथ मीटिंग में उन्होंने कहा कि पब्लिक का पैसा बेवजह बर्बाद न करें और इसे लेकर सतर्क रहने की भी सलाह दी।  उन्होने कहा की मेट्रो का काम बंद नहीं होगा, लेकिन आरे की एक पत्ती भी अब नहीं कटेगी।


प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस- आरे में मेट्रो कारशेड के काम पर रोक लगाने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने  मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई रोकने की कोशिश करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामलों को वापस लेने का भी फैसला किया।  आरे में मेट्रो कारशेड के लिए पेड़ो की कटाई के दौरान कई पर्यावरण प्रेमियों ने इसका विरोध किया था जिसके कारण तत्कालिन सरकार ने इस प्रदर्शनकारियों पर मामला भी दर्ज किया था।  


बुलेट ट्रेन परियोजना की  समीक्षा

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की समीक्षा के आदेश दिए। उन्होंने कहा, 'बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की जानी है। यह सरकार आम आदमी की है। हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे। हालांकी उन्होने बुलेट ट्रेन की परियोजना पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया।  


सरपंच के चुनाव को भी बदला 

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने फडणवीस के समय में लिए गए एक और फैसले को बदल दिया। महाराष्ट्र (Maharashtra) में जब 2014 में बीजेपी-शिवसेना की सरकार आई थी तब प्रभाग चुनाव प्रक्रिया लागू की गई और नगर अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का निर्णय लिया गया। अब इस निर्णय को महाविकास अघाड़ी की ठाकरे सरकार ने बदल दिया है। अब नगर अध्यक्ष का चुनाव नगरसेवक ही करेंगे।


नाणार रिफाइनरी का विरोध करनेवालो के खिलाफ मामला वापस

उद्धव ठाकरे सरकार ने नाणार रिफाइनरी परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया है। सोमवार को सीएम इसके आदेश जारी किए।  शिवसेना पहले से ही राज्य के रत्नागिरी जिले के नाणार में तीन लाख करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ थी। लोकसभा चुनाव के लिए शिवसेना-बीजेपी के गठबंधन की प्रमुख शर्तों में एक शर्त यह भी थी कि फडणवीस सरकार कोंकण के रत्नागिरी में लगाई जाने वाली नाणार ग्रीन रिफाइनरी परियोजना रद्द करेगी। ऐसे में चुनाव से पहले इसी साल मार्च में तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार ने शिवसेना की शर्त मान ली और भूमि अधिग्रहण के लिए जारी अधिसूचना रद्द कर दी। 


इन योजनाओं की भी होगी समीझा

मुंबई-नागपुर समृद्धि कॉरिडोर ,दक्षिण मुंबई को पश्चिमी उपनगरों से जोड़ने वाली तटीय सड़क परियोजना वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना और ठाणे क्रीक पर तीसरे पुल का निर्माण सहित सभी जारी परियोजनाओं की समीक्षा का फैसला लिया गया है। 

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