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'महारेरा' को लेकर राज्य सरकार कितनी सख्त है इसकी एक झलक है कि अब तक जिन बिल्डरों ने महरेरा का उल्लंघन किया है उनसे सख्ती की जा रही है। अभी महीना भर पहले ही 7 बिल्डरों को झटका देते हुए महरेरा कानून उल्लंघन के आरोप में दंड स्वरुप उनसे 2 से 12 लाख रूपये का दंड वसूला गया। और अब 8 बड़े बिल्डरों पर भी कार्रवाई करते हुए उन पर 2 से 10 रूपये का दंड लगाया।

 

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कानून के बावजूद उल्लंघन 
महारेरा कानून अनुसार बिल्डरों को उनकी उनकी गृह परियोजनानओं का रजिस्ट्रेशन महरेरा में कराना आवश्यक है। यही नहीं उनको अपने विज्ञापन में रेरा का रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित कराना आवश्यक है। बावजूद इसके आज तक भी अनेकों बिल्डरों द्वारा इस कानून का उल्लंघन किया जा रहा है।

 

इन बिल्डरों पर हुई कार्रवाई

ऐसे बिल्डरों पर मुंबई ग्राहक पंचायत की कड़ी नजर है, साथ ही ग्राहकों के साथ धोखा करने वाले बिल्डरों के खिलाफ यह पंचायत कार्रवाई भी करती है। अभी हाल ही में 31 बिल्डरों के खिलाफ ग्राहक पंचायत ने महारेरा में शिकायत दर्ज करायी थी। यही नहीं इन 31 बिल्डरों में से 8 के खिलाफ दोष साबित होने पर इनके खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया था। 

इन बिल्डरों में सुमीत ग्रुप, वाधवा ग्रुप, इप्सित प्रोजेक्ट, ज्योती बिल्डर्स, परिणी बिल्डींग प्राॅपर्टीज, हावरे प्राॅपर्टीज, कर्म प्राॅपर्टीज और त्रिधातु मौर्य बिड़लार शामिल हैं। त्रिधातु बिल्डर के ऊपर तो 10 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। बाकी अन्य पर 2 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया।

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