सचिन ने कही 'मन की बात', राज्यसभा में हंगामा के चलते नहीं बोल पाएं थे

सचिन ने अपने 'मन की बात' फेसबुक और यूट्यूब के जरिये लोगों के सामने रखी।

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आख़िरकार क्रिकेट के भगवान ने अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। हम बात कर रहे हैं दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की। सचिन ने अपने 'मन की बात' फेसबुक और यूट्यूब के जरिये लोगों के सामने रखी। सचिन का यह भाषण लगभग 15 मिनट लंबा है। गौरतलब है कि गुरुवार को जब सचिन तेंडुलकर राज्यसभा में पहली बार भाषण देने के लिए खड़े हुए तो सदन में विपक्ष हंगामा करने लगा, हंगामा के कारण सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी, इसीलिए सचिन अपना भाषण नहीं दे पाए थे। 

क्या कहा सचिन ने?

सचिन ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि, नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों। कल कुछ ऐसी बातें थी, जिसे मैं आप तक पहुंचाना चाहता था। अब मैं वही कोशिश करूंगा।


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हेल्दी और फिट इंडिया

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि मुझे खेल बहुत पसंद है। क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है। उन्होंने अपने पिता के  बारे में बताते हुए कहा कि मेरे पिता रमेश तेंदुलकर कवि और लेखक थे। मैं जिंदगी में जो भी बनना चाहता था, उन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। उनकी ओर से मुझे सबसे खास तोहफा था, खेलने की आजादी और खेलने का अधिकार। मैं इस बात के लिए हमेशा उनका शुक्रगुजार रहूंगा। उन्होंने आगे कहा कि गरीबी, आर्थिक वृद्धि, फूड सिक्योरिटी समेत देश में कई अहम मुद्दे हैं, जिनपर ध्यान देने की जरूरत है। वे कहते हैं कि एक खिलाड़ी होने के नाते मैं खेल, इंडिया की फिटनेस और लोगों की सेहत पर बात करता हूं। मेरा विजन हेल्दी और फिट इंडिया है।


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घर की लक्ष्मी बेटियां 

सचिन ने वुमन इम्पॉवरमेंट के बारे में बोलते हुए कहा कि घर में जब बेटी पैदा होती है तो लोग कहते हैं कि लक्ष्‍मी आई है, लेकिन इन्‍हें लक्ष्‍मी की तरह ही रखना होगा तभी ये सानिया मिर्जा, पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, मिताली राज जैसी बन सकती हैं। सचिन ने आगे कहा कि मैं पेरेंट्स से अपील करूंगा कि वे लड़के-लड़कियों में कोई भेद न करे सभी को समान रूप से प्रोत्‍साहन दें। हमें प्रतिभा की कम उम्र में पहचान करनी होगी इसके बाद उनहें तराशना होगा। तभी हम पदक जीतने की उम्‍मीद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन सुनियोजित व्यवस्था के जरिये ही हम खेल में आगे बढ़ पाएंगे।


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अर्थव्यवस्था पर बोझ है बीमारी 

कई गेंदबाजों को सपने में डराने वाले सचिन भारत को बीमारी मुक्त देखना चाहते हैं। वे कहते हैं कि अकसर यह धारणा होती है कि अगर आप युवा हैं तो फिट हैं। उनके अनुसार, साल 2020 में भारत दुनिया के सबसे जवान देशों में से एक होगा, इसीलिए लोगों को लोगों को फिट रहना काफी जरुरी है, खासकर युवाओ को। इस बल्लेबाज ने कहा कि अगर डायबिटीज़ की बात करें तो भारत इस बीमारी की राजधानी बनती जा रही हैं। भारत में 75 मिलियन लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। सचिन ने कहा कि अगर मोटापे से होने वाली बीमारियों की बात करें तो हम दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं। इन बीमारियों का आर्थिक बोझ भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में देश का आगे बढ़ना संभव ही नहीं है। इसका हमें ध्यान रखना होगा।

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