मुंबईकरों को २൦५२ तक भरना होगा बांद्रा वर्ली सी लिंक पर टोल


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मुंबईकरों को बांद्रा वर्ली सी लिंक पर आनेवाले ३५ सालों तक टोल देना होगा। यह ठेकेदारो के बिल का निपटान करने के लिए किया गया है जो कि 241 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और टोल का भुगतान 2052 तक किया जाएगा। इस बाबत राज्य सरकार ने एक जीआर भी निकाला है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की संयुक्त प्रबंध निदेशक किरण कुरुंदकर का कहना है की बांद्रा वर्ली सी लिंक के साथ साथ इस फैसले को बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक पर भी लागू किया जाएगा।


'फ़ास्ट टैग' दिलाएगा टोल नाको से मुक्ति


शुरू में, बांद्रा-वर्ली सी लिंक की लागत लगभग 1306 करोड़ रुपये थी लेकिन 2008 में यह 1634 रुपये हो गई थी। लागत में बढ़ोतरी के कारण, वाहन चालकों को 2039-40 तक टोल का भुगतान करना होगा। निर्माण लागत, पर्यावरण बोर्ड की अनुमति के कारण लागत में ५८൦ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई । 214.81 करोड़ रुपये के इस ठेकेदार के बिल के साथ लंबित है। जिसके साथ ही इसकी लागत 1975 करोड़ हो गई है।

क्या यही है अच्छे दिन?

टोल विश्लेषक संजय शिरोडकर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की राज्य सरकार कथित तौर पर टोल घोटाले से बचती दिख रही है और इसके बाद वो अब टोल को खत्म करने के बजाए वह इसे और ३५ साल के लिए बढ़ा दे रहे है। अगर सरकार ने समय रहते इस ओर कदम लिया होता तो लागत में वृद्धि नहीं होती और एमएसआरडीसी और ठेकेदारों के गठबंधन का खुलासा होता है।

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