ऐड में रेलवे ने गंवाए करोड़ों...पर जिनसे है यात्रियों को खतरा उसे किया नजरअंदाज

मुंबई - मुंबईरों की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में हर रोज लाखों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। यह लोकल हर दिन लगभग 11 लोगों को निगल जाती है। पर रेलवे प्रशासन इसकी परवाह करने की बजाय खुद के विज्ञापनों में व्यस्त है। इस तरह का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता समीर झवेरी ने किया है।

बॉम्बे कोर्ट ने 6 अक्टूबर 2004 में रेलवे को आदेश दिया था कि यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा दीवारें बनाई जाए। पर रेलवे ने यह काम करने की बजाय राम मंदिर स्टेशन के उद्घाटन की शूटिंग के लिए लाखों खर्च किए। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक राम मंदिर स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए 15 लाख 46 हजार 381 और वीडियो शूटिंग पर 1 लाख 73 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा विज्ञापनों में रेलवे ने पिछले दो सालों में 1 करोड़ से अधिक पैसा खर्च किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता समीर झवेरी का कहना है कि पिछले दो सालों में पश्चिम और मध्य रेलवे ने ऐड के नाम पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया है, लेकिन रेलवे की जिन कमियों की वजह से लोगों की जाने जाती हैं, उसकी रेलवे को कोई चिंता नहीं है।

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