Tanhaji Review: जबरदस्त एक्शन और इमोशन्स से सजी है मराठा योद्धा 'तानाजी' की वीरगाथा!

ओम राउत इस फिल्म पर काफी वक्त से काम कर रहे थे। उनकी मेहनत फिल्म में साफ झलकी है। एक शानदार स्टोरी के साथ उन्होंने फिल्म में एक्शन और इमोशन्स को सही जगह दी है।

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अजय देवगन की फिल्म 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर' वैसे तो ट्रेलर रिलीज के बाद से सुर्खियों है। पर इस फिल्म को बीते दो दिनों से और अधिक बल मिला है। दरअसल मंगलवार को दीपिका पादुकोण जेएनयू के स्टूडेंट्स से मिली थीं, जिसके चलते कई लोग उनके विरोध में खड़े हो गए और उनकी फिल्म 'छपाक' को बायकॉट करने की बात करने लगे। वहीं दूसरी तरफ लोगों ने अजय देवगन की फिल्म 'तानाजी' को देखने की बात कही। साथ ही ट्विटर पर तानाजी को लेकर #TanhajiChallenge ट्रेंड हुआ, जिसमें लोगों ने इस फिल्म को देखने और दिखाने की इच्छा जाहिर की। फिल्म को लेकर जिस तरह से एक सकारात्मक लहर दैड़ी थी, फिल्म उसमें खरी उतरी है। ओम राउत के शानदार डायरेक्शन और अजय देवगन की बेतरीन अदाकारी ने मराठा योद्धा तानाजी मालुसरे के चरित्र को जीवंत किया है।

तानाजी मालुसरे (अजय देवगन) के पिता की एक युद्ध में मौत हो जाती है, पर मौत से पहले वे स्वराज्य के सपने की जिम्मेदारी अपने पुत्र तानाजी को सौंपते हैं। जब तानाजी के पिता की मौत होती है, उस समय तानाजी की उम्र काफी कम रहती है, पर उनका पराक्रम देखते बनता है। वे तलवारबाजी में परंगत हो जाते हैं। इसके बाद फिल्म 19 साल बाद शुरु होती है, तानाजी छत्रपति शिवाजी महाराज को कई जीत दिलाते हैं। पर एक समय कोंढाणा गवां चुके शिवाजी और उनकी माता उसे वापस चाहते हैं, इसके लिए तानाजी अपने बेटे की शादी छोड़ मुगलों पर चढ़ाई करने निकल जाते हैं। अब क्या वे मुगलों पर फतह हासिल कर पाएंगे और शिवाजी महाराज की मां जीजा माता को कोंढाणा किला वापस दिला पाएंगे? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।  

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अजय देवगन की गिनती एक बेहतरीन एक्टर के तौर पर होती है, उन्होंने हर तरह की फिल्में की हैं और जनता ने उन्हें हमेशा हाथो हाथ लिया है। अजय देवगन ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उनके लिए यह फिल्म (तानाजी) बहुत खास और ऐसे ही योद्धाओं को लेकर वे एक सीरीज चलाना चाहते हैं। इस फिल्म में अजय ने तानाजी के किरदार को बड़ी ही इमानदारी और इमोशन्स के साथ निभाया है। कुछ कुछ ऐसे सीन्स है जो आपके अंदर जोश पैदा करेंगे तो कुछ आपको इमोशनल कर देंगे।  काजोल का किरदार कम था, पर वे एक मराठी योद्धा की पत्नी के किरदार में बाखूभी डूबी नजर आई हैं। अजय और काजोल के बीच फिल्माए गए सीन्स शानदार लगे। इसके अलावा फिल्म में विलेन का किरदार निभाने वाले सैफ अली खान ने भी अपनी एक्टिंग से प्रभावित किया है। फिल्म में उनकी हरकतें देखकर आपको इस किरदार से नफरत होने लगेगी। छत्रपति शिवाजी का किरदार शरद केलकर ने निभाया है। उनकी आवाज और बॉडी लैंग्वेज शिवाजी के किरदार में परफेक्ट बैठी है। 

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ओम राउत इस फिल्म पर काफी वक्त से काम कर रहे थे। उनकी मेहनत फिल्म में साफ झलकी है। एक शानदार स्टोरी के साथ उन्होंने फिल्म में एक्शन और इमोशन्स को सही जगह दी है। साथ ही फिल्म का वीएफएक्स और बैकग्राउंड म्यूजिक भी कमाल का है। एक मराठा योद्धा तानाजी की वीरता को 3डी में देखाना आपके लिए एक शानदार अनुभव होगा। अगर सुधार की बात करें तो  फिल्म के फर्स्ट हाफ को थोड़ा और फास्ट किया जा सकता था। साथ ही काजोल और शरद केलकर के किरदार को थोड़ा और स्क्रीन स्पेस देना चाहिए था। हम इस फिल्म को 5 में से 4 स्टार गेते हैं।   


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