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Uber ने मुंबई का ऑफिस बंद करने का फैसला किया, सर्विस शुरू रहेगी

जानी मानी ऐप आधारित ऑनलाइन कैब बुकिंग कंपनी उबर ने लॉकडाउन के कारण हो रहे घाटे से परेशान होकर मुंबई के ऑफिस को बंद करने का फैसला किया है। हालांकि उसकी कैब सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।

Uber ने मुंबई का ऑफिस बंद करने का फैसला किया,  सर्विस शुरू रहेगी
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण दुनिया भर के कई देशों ने लॉकडाउन (lockdown) की घोषणा की है, जिससे इसका प्रभाव काम धंधों पर भी पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। जानी मानी ऐप आधारित ऑनलाइन कैब बुकिंग कंपनी उबर (online cab booking company uber) ने लॉकडाउन के कारण हो रहे घाटे से परेशान होकर मुंबई के ऑफिस को बंद करने का फैसला किया है। हालांकि उसकी कैब सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी। और कर्मचारियों को घर से काम (work from home) करने का निर्देश दिया गया है। कई देशों में सेवा दे रही अमेरिकी कंपनी उबर (Uber) पहले ही देश में कई कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।

खबरों के अनुसार, लॉकडाउन(lockdown) में मुंबई के उबर कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें दिसंबर तक घर से ही काम करने का निर्देश दे दिया गया है। हालांकि कंपनी अगले साल क्या करती है अभी तक यह स्पष्ट नहीं है, इन सभी कर्मचारियों को कहीं समायोजित करती है या मुंबई में फिर से काम शुरू कर सकती है।

मुबंई स्थित कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को दिसंबर तक घर से ही काम करने को कहा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारियों (uber employee) को अगले साल मुंबई में किसी अन्य कार्यालय में भेजा जाएगा या नहीं। कंपनी मुंबई में अपनी राइड्स सेवा को जारी रखेगी। लेकिन इतना स्पष्ट है कि, कंपनी की सेवा मुंबई में पहले के जैसे जारी रहेगी।

अभी हाल ही में उबर के अधिकारियों की एक बैठक हुई थी, जिसमें Covid-19 से हो रहे घाटे को देखते हुए कंपनी ने एक अरब डॉलर के खर्च में कटौती करने का निर्णय लिया था।

बता दें कि उबर के दूनिया भर में कुल  6,700 कर्मचारी हैं,जिसमें से उसने 50 फीसदी से भी अधिक यानी 3700 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है, जिसमें भारत के भी 600 कर्मचारी शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 14 प्रतिशत रेेवेेन्यूू मेंं वृद्धि हुई है। जो 3.54 अरब डॉलर है। हालांकि इसी दौरान उसका शुद्ध घाटा बढ़कर 2.92 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले समान अवधि में हुए 1.1 अरब डॉलर के घाटे की तुलना में यह 1.63 गुना ज्यादा है। 

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