सीएसएमटी में बननेवाले संग्रहालय को प्रधानमंत्री की इजाजत नहीं!

प्रधानमंत्री के इस विरोध के कारण कर्मचारी अब खुश हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएसएमटी बिल्डिंग में बनने वाले संग्रहालय का विरोध किया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने रेलवे के 100% विद्युतीकरण और सिग्नल सिस्टम के पूरे आधुनिकीकरण का विरोध किया है। प्रधानमंत्री के इस विरोध के कारण कर्मचारी अब खुश हैं क्योंकि, इस भवन में संग्रहालय के निर्माण के कारण मध्य रेलवे का मुख्यालय और अन्य कार्यालयों को दूसरे स्थानांतरित किया जा सकता था , लेकिन अब प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद अब मुख्यालय यहीं पर रहेगा।


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नवंबर 2017 को की गई थी घोषणा

रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने साल 2017 में नवंबर महीने में इस स्टेशन का दौरा किया था, जिस समय उन्होने इस बात की घोषणा की थी की इस इमारत को संग्रहालय के तौर पर निर्माण किया जाएगा। रेलवे मंत्री की घोषणा ,के बाद इस काम में तेजी भी आई थी। हालांकि, मध्य रेलवे के मुख्यालय में काम कर रहे कर्मचारी और कार्यालय में काम करने वाले अन्य लोगों ने इसके खिलाफ विरोध किया और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। मध्य रेलवे श्रमिक दल ने इसके खिलाफ विरोध करने के लिए 28 दिन का उपवास किया।


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3 महीने का अल्टीमेटम

रेलवे मंत्रालय ने संग्रहालय बनाने के लिए मुख्यालय को तीन महीने में खाली करने का आदेश दिया था। मध्य रेल्वे कामगार संगठना के अध्यक्ष डॉ. आर.पी.भटनागर का कहना है की इस इमारत से रेलवे कर्मचारियों की भावना से जुड़ी है , और इसके साथ ही इस मुख्यालय को शिफ्ट करने के लिए 41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा जो आम जनता का पैसा है और इससे रेलवे को कोई फायदा नहीं होगा।

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