डॉ. पायल तडवी आत्महत्या मामला: दो डॉक्टरों को मिली क्लिनचिट

मुंबई का बहुचर्चित डॉ. पायल तडवी सुसाइड केस में नायर अस्पताल दो महिला डॉक्टरों डॉ. चिंग ली और डॉ. एस. एस. शिरोडकर को महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने क्लीनचिट दिया है।

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मुंबई का बहुचर्चित डॉ. पायल तडवी सुसाइड केस (payal tadvi suicide case) में नायर अस्पताल की दो महिला डॉक्टरों डॉ. चिंग ली और डॉ. एस. एस. शिरोडकर को महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने क्लीनचिट दिया है। इन दोनों डॉक्टरों पर पायल की रैंगिंग करने का आरोप था। डॉ. चिंग ली स्त्री रोग विभाग यूनिट की प्रमुख थीं जबकि डॉ. एस. एस. शिरोडकर भी विभाग प्रमुख थीं।  

डॉ. पायल तडवी के परिवार वालों ने इन दोनों डॉक्टरों पर पायल की रैंगिंग करने का आरोप लगाया था। लेकिन परिवार वाले इस आरोप को मानवाधिकार आयोग के सामने सिद्ध नहीं कर सके।

साथ ही आयोग ने यह सवाल भी उठाया कि, जब पायल का मामला इतना गंभीर था तो परिवार ने इन दोनों डॉक्टरों के खिलाफ पहले ही शिकायत क्यों नहीं की?

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इस बारे में आयोग के अध्यक्ष एमए सईद ने कहा, दोनों विभागों के प्रमुखों ने अपने वकीलों के माध्यम से साबित किया है कि परिवार के सदस्यों के उनके खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराइ है उसके खिलाफ उनके पास कोई सबूत नहीं है।

नायर अस्पताल की रेजिडेंस डॉक्टर पायल तडवी ने 22 मई 2019 को अस्पताल के ही छात्रावास के कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। पायल के मोबाइल फोन और कमरे से मिले सुसाइड नोट पर उसने आरोप लगाया था कि उसके साथ काम करने वाले तीन डॉक्टर डॉ. हेमा आहूजा, डॉ. भक्ति मेहरा और डॉ. अंकिता खंडेलवाल पायल पर जातिगत कमेंट करते हैं और उसकी रैंगिंग करते हैं. इसके बाद इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में िनेहँ जमानत मिल गयी।

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