मेडिकल के पीजी छात्रों के प्रवेश के लिए सरकार ने जारी किया अध्यादेश

16 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के बाद जिन ओपन कैटगरी के छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पायेगा उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज या डीम्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।

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पिछले कई दिनों से मेडिकल की पीजी कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया के आरक्षण को लेकर कई मराठा छात्र आंदोलन कर रहे हैं।मामला गंभीर होने के बाद इस समस्या को सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक अध्यादेश जारी कर दिया है। चुनाव आयोग की अनुमति के बाद शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन के विवाद को निपटाने के लिए एक अध्यादेश जारी करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस बाबत पत्रकारों से बात भी की।

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क्या था मामला?

आपको बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच सहित सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कहा था कि, मेडिकल के पीजी कोर्ट के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रक्रिया शुरू होने के दौरान मराठा आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता। इस निर्णय के बाद मराठा आरक्षण के अंतर्गत छात्रों के प्रवेश को लेकर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गये। जिससे छात्रों ने आन्दोलन छेड़ दिया। लेकिन सरकार ने इस बाबत अध्यादेश लाकर छात्रों को जरुर राहत देने की कोशिश की है।

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तारीख बढ़ाने की अनुमति 

 इस बाबत शुक्रवार सुबह कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है जिसे अब हस्ताक्षर के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और अध्यादेश उनके हस्ताक्षर के बाद लागू होगा। 195 छात्र मेडिकल स्नातकोत्तर से हैं और 32 छात्र डेंटल क्लीनिक से हैं और केंद्र सरकार से उनकी सीटें बढ़ाने की मांग की है। 16 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के बाद जिन ओपन कैटगरी के छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पायेगा उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज या डीम्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। चंद्रकांत पाटिल ने यह भी बताया कि स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए 25 मई तक की तारीख सुप्रीम कोर्ट ने तय की है, और लेकिन राज्य सरकार ने इस तारीख को 30 मई तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।

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