दादा कोंडके पुरस्कार 2017

परेल – महान अभिनेता दादा कोंडके की स्मृति में हर साल दादा कोंडके स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। रविवार को इस पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इसका आयोजन परेल के दामोदर हॉल में किया गया। इस मौके पर 5 अलग क्षेत्रों के कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस मौके पर कलाकार महेश कोठारे ने कहा कि यह पुरस्कार मेरे लिए ऑस्कर के पुरस्कार से कम नहीं हैं। इस पुरस्कार के मिलने से मैं खुद को काफी गौरान्वित महसूस करता हूं।

दादा कोंडके हास्य कलाकार थे और दर्शकों को उनका काम इतना अच्छा लगता था कि दादा कोंडके के नाम से वे फिल्में देखने जाते थे। उन्होंने नौ हिन्दी फिल्मों में भी काम किया था और ये सभी नौ फिल्में सुपर हिट रही। हर फिल्म ने गोल्डन जुबली मनाई। जबकि दादा कोंडके की सात मराठी फिल्मों ने गोल्डन जुबली मनाई, तभी उनका नाम ‘गिनीज बुक्स ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स’ में दर्ज हो गया। उसके बाद उनकी दो और मराठी फिल्मों ने गोल्डन जुबली मनाई। दादा कोंडके की हिन्दी फिल्मों में अंधेरी रात में दिया तेरे हाथ में, आगे की सोच, खोल दे मेरी जुबान और एकता जीव सदाशिव प्रमुख हैं।

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