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कथक विषारद पंडित उमा डोग्रा की 'कथक क्लास'


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नरीमन प्वाइंट - रविवार को एनसीपीए में कथक विषारद पंडित उमा डोग्रा ने सुमित नागदेव डांस एकेडमी के विद्यार्थियों को कथक नृत्य सिखाया। उन्होंने कथक की सभी बारीकियों को भाव- भंगिमा के साथ पंडित उमा डोग्रा ने विद्यार्थियों को हर एक स्टेप की शिक्षा दी। पिछले सात सालों से वे लोगों को कथक नृत्य का ज्ञान देते आ रही हैं। एसएनडीए में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के संग उनके परिजनों ने भी कथक नृत्य का आनंद लिया। जहां उन्हें कथक नृत्य के प्रकार और उसके हाव-भाव की जानकारी दी गई। खुद पंडित उमा डोग्रा ने कथक नृत्य के आरंभ से लेकर अंत तक की शिक्षा विद्यार्थियों की दी।

कथक भारतीय शास्त्रीय नृत्यों की प्रसिद्ध शैलियों में से एक है। कथक शब्‍द की उत्‍पत्ति कथा शब्‍द से हुई है, जिसका अर्थ एक कहानी से है। कथाकार या कहानी सुनाने वाले वह लोग होते हैं, जो प्राय: पौराणिक कथाओं और महाकाव्‍यों की उपकथाओं के विस्‍तृत आधार पर कहानियों का वर्णन करते हैं। इन्ही सब की जानकारी लय, ताल और भाव-भंगिमा के साथ विद्यार्थियों को दी गई।

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