कितने तैयार है मॉनसून में बीएमसी के अस्पताल?

बीएमसी अस्पताल हमेशा रोगियों से भरे होते हैं और बेड की कमी और उचित चिकित्सा देखभाल हमेशा इन अस्पतालों में एक बहस का मुद्दा बना हुआ रहता है।

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मानसून की शुरुआत के साथ, हमेशा डेंगू, स्वाइन फ्लूहैजा, टाइफाइड, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी कई बीमारियों अपना दस्तक देती है।  बीएमसी  अस्पताल हमेशा रोगियों से भरे होते हैं और बेड की कमी और उचित चिकित्सा देखभाल हमेशा इन अस्पतालों में एक बहस का मुद्दा बना हुआ रहता है। 

BYL
नायर अस्पताल द्वारा मानसून की तैयारी के बारे में, BYL नायर अस्पताल के डीन डॉरमेश भारमल ने कहा, “हमने नायर अस्पताल में मानसून ओपीडी शुरू किया है। इसके साथ ही सभी 16 पेरिफेरल हॉस्पिटल और 3 मेडिकल कॉलेज को भी तैयार रखा गया है। मानसून से संबंधित बीमारी के लिए 100 नये बेड कार्यात्मक हैं। जितना संभव हो उतने वेंटिलेटर को भी तैयार रखा गया है।  इसके साथ ही मॉनसून के संबंधित बीमारियों के लिए  साप्ताहिक आधार पर दवाईयां ली जा रही है। 


कथित तौर परनायर अस्पताल में 7 जुलाई तक बुखार के 35 मामले, गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले, लेप्टोस्पायरोसिस और डेंगू के 1 मामले सामने आए हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, पद्मजा केसकर ने कहा, " हमने बुखार ओपीडी शुरू कर दिया है जो रात में भी उपलब्ध होगा और सभी सिविक में अधिक बेड और डायग्नोस्टिक लैब को भी बीएमसी अस्पतालों में संचालित रखा गया है।

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