एमएमआरसी और वनविभाग आरे में मिल कर रहे हैं टाउनशिप घोटाला?

 Aarey Colony
एमएमआरसी और वनविभाग आरे में मिल कर रहे हैं टाउनशिप घोटाला?

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) आरे की 33 हेक्टेयर जमीन को हड़प कर वहां टाउनशिप बनाना चाहती है और घर बेच कर करोड़ो रूपये कमाना चाहती है, यह सनसानीखेज आरोप वनशक्ति एनजीओ के परियोजना निदेशक दयानंद स्टालिन ने लगाया है। स्टालिन ने आगे कहा कि एमएमआरसी कारशेड के नाम पर यहां केवल भारी मुनाफा कमाना चाहती है। स्टालिन ने इसे एक बड़ा रियल एस्टेट घोटाला बताते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिख कर इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की। स्टालिन ने दावा किया कि उनके यह आरोप बेबुनियाद नहीं बल्कि सबूत के आधार और लगाए हैं।

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वनशक्ति ने आरोप लगाया कि एमएमआरसी यह घोटाला वन विभाग के साथ मिल कर रही है, क्योंकि कारशेड का विरोध करते हुए वनशक्ति लावादा में गुहार लगाई थी।  लवादा ने वनविभाग को आरे और संजय नेशनल पार्क से सम्बंधित सारे रिकॉर्ड मुहैया कराने आ आदेश दिया, लेकिन वनविभाग ने कई महीनों तक केवल टालमटोल ही करती रही। स्टालिन ने आगे कहा कि फारेस्ट सर्वे ऑफ़ इंडिया और 2013 के मैनेजमेंट प्लान फॉर संजय गांधी नेशनल पार्क इन दोनों प्रस्ताव के अनुसार वनविभाग के पास वनजमीन, आरे और नेशनल पार्क के सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं। अगर वनविभाग सारे जानकारियों को साझा करती है तो इससे घोटाले का पर्दाफ़ाश हो जाएगा।

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आरे की खाली जमीनों पर एमएमआरसी का कब्जा है। अगर कारशेड के आतिरिक्त कुछ और व्यवसायिक एरिया बनता है तो वहां सीआरजेड लगने के कारण न ही एफएसआई मिल पाएगी और ना ही टाउनशिप बन पाएगा। वनशक्ति ने एमएमआरसी और वनविभाग के द्वारा गठजोड़ करके करने वाले घोटाले को पर्दाफाश करने का निर्णय लिया है और सरकार इस इकी जांच भी कराने की मांग की है।


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