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बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर BJP ने सरकार के खिलाफ किया राज्यव्यापी आंदोलन

मुंबई में, बीजेपी के कई नेताओं ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें अतुल भातलकर (atul bhatkhalkar), योगेश सागर, मिहिर कोटेचा और भारती लवेकर (bharati lavekar) जैसे लोग शामिल थे।

बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर BJP ने सरकार के खिलाफ किया राज्यव्यापी आंदोलन
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भारतीय जनता पार्टी (bjp) ने सोमवार को राज्यभर में बढ़े हुए बिजली बिल (light bill) को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर तो बिजली के बिलों को जलाया भी गया। यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत (nitin raut) ने बढ़े हुए बिजली बिलों की माफी पर असमर्थता व्यक्त की। इसके बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महागठबंधन विकास (MVA) सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मुंबई में, बीजेपी के कई नेताओं ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें अतुल भातलकर (atul bhatkhalkar), योगेश सागर, मिहिर कोटेचा और भारती लवेकर (bharati lavekar) जैसे लोग शामिल थे।

इस मौके पर वर्सोवा विधानसभा से निर्वाचित BJP विधायक भारती लवेकर ने कहा, 'महाविकास आघाड़ी सरकार ने लोगों को बिना किसी रियायत के पूरे बिजली बिल का भुगतान करने का आदेश जारी किया।  हम इस भ्रष्ट राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जो शुरू में बिजली के बिलों में रियायतें दे रही है और बाद में कह रही है कि किसी का भी बिल माफ नहीं किया जाएगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'कोरोना के समय में राज्य सरकार ने वास्तव में लोगों का समर्थन करने के बजाय बिजली के बिलों के माध्यम से लूट शुरू कर दी है। बिजली बिल के जरिए लूट मचाने वाली इस ठाकरे सरकार का हम विरोध करते हैं।'

तो वहीं भातखलकर ने कहा कि, अगर सरकार बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत नहीं देती है, तो वह मंत्रालय के सामने मोर्चा निकालेंगे।

इस मौके पर भातखलकर और उनके समर्थकों ने बिजली बिलों को जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और भातखलकर समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके थोड़ी देर बाद सभी को छोड़ दिया गया।

भातलकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, नितिन राउत (nitin raut) ने कहा कि यदि बिल वास्तविक पाए गए, तो भाजपा को उन्हें भुगतान करना चाहिए।

इसके पहले BJP नेता चंद्रशेखर बावनकुले (chandrashekhar bawankule) ने मांग की थी कि, जो परिवार प्रतिदिन 300 यूनिट तक बिजली का उपभोग करते हैं, उन्हें मार्च से जून की अवधि के लिए बिल भुगतान से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि,

लॉकडाउन के कारण लोगों ने नौकरियां खो दी हैं, इसलिए सरकार को इन बिलों को माफ करना चाहिए।

इस मुद्दे को लेकर पार्टी के राज्य प्रमुख चंद्रकांत पाटिल (chandrakanta patil)ने कराड में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने चंद्रपुर में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का अनुमान है कि राज्य भर में कुल 2,000 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए।

BJP की इस मुहिम में मनसे (mns) भी शामिल हो गईं। मनसे ने राज्य सरकार के 'माई फैमिली, माई रिस्पॉन्सिबिलिटी' टैग का मजाक उड़ाते हुए 'माय बिल्स, माई रिस्पॉन्सिबिलिटी' के संदेश के साथ बैनर लगाया। पार्टी ने उपभोक्ताओं को राहत नहीं दिए जाने पर इस मुद्दे पर सरकार को आक्रामक आंदोलन की चेतावनी दी थी।

ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने पिछले सप्ताह कहा था कि, राज्य सरकार बिजली के बिलों में कोई ढील नहीं दे पाएगी।  उन्होंने दावा किया कि बिजली कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है, और यह भाजपा सरकार से विरासत में मिली "गड़बड़" है।

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