कांग्रेस को मिलेगा बीएमसी में विपक्ष का पद?

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कांग्रेस को मिलेगा बीएमसी में विपक्ष का पद?

कानूनी मुद्दों के कारण विपक्ष के नेता की नियुक्ति में काफी देरी होने के बाद, बीएमसी के कानूनी विभाग ने अब बीएमसी में तीसरे सबसे बड़े दल के नेता को विपक्ष विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के लिए हरी झंडी दे दी है।

सोमवार को सामान्य निकाय बैठक के दौरान, महापौर विश्वनाथ महादेवर को कानूनी राय दी जाने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा हुई। फरवरी में हुए बीएमसी चुनाव में शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं, भाजपा को 82 सीट तो वही कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। भाजपा ने बीएमसी में किसी भी पद को स्वीकार नहीं करने का फैसला करते हुए विपक्ष के नेता की नियुक्ति पर भ्रम बरकरार रखा। साथ ही शिवसेना को अपना समर्थन देने का फैसला किया।

मुंबई नगर निगम अधिनियम की 37 (ए) के प्रावधानों का हवाला देते हुए कानूनी विभाग के अधिकारियों ने कहा की विपक्ष के नेता की नियुक्ति महापौर के अधिकार क्षेत्र में आती है। ठाणे और अकोला नगर निगमों के मामले में उच्च न्यायालय के दो फैसले का जिक्र करते हुए कानूनी अधिकारी ने निष्कर्ष निकाला कि यह पद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी को दिया जा सकता है। अगर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इसे स्वीकार करने से इनकार कर दे तो।

महापौर ने सामान्य निकाय बैठक के दौरान बीएमसी में भाजपा गटनेता मनोज कोटक से पूछा की क्या भाजपा विपक्षी नेता के पद का पद संभालना चाहती है? जिसका जवाब देते हुए कोटक ने कहा कि पार्टी पद नहीं लेना चाहती। महापौर ने अब भाजपा को एक पत्र लिखने का फैसला किया है जिसमें वह बीजेपी से विपक्ष के नेता के रूप में कांग्रेस के नेता की घोषणा करने से पहले लिखित रूप में इनकार करने की मांग कर सकते है। भविष्य में किसी भी कानूनी मुद्दे से बचने के लिए लिखित जवाब बेदह जरुरी होगा।

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