'लोग 14 अप्रैल तक घर मे रहने की स्थिति में नहीं हैं'

उन्होंने कहा, ग्रामीण भागों में थोड़ा बहुत लॉकडाउन से राहत देनी चाहिए। और जिन गांवों को ढील देनी चाहिए उस गांवों में बाहरी के प्रवेश पर पुरी तरह से पाबंदी लगा देनी चाहिए।

'लोग 14 अप्रैल तक घर मे रहने की स्थिति में नहीं हैं'
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लॉकडाउन हटाने को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा है कि, कोरोना महामारी के मद्देनजर देश में 14 अप्रैल तक कर्फ्यू की घोषणा की गई है। इसलिए लोग घर में किसी तरह से बैठे हैं।  लेकिन 14 अप्रैल के बाद, लोग घरों में रहने की मनःस्थिति में नहीं होंगे। इसलिए यह मेरी निजी राय है कि जो इलाका कोरोना से अभी तक ग्रसित नहीं हुआ है वहाँ के लोगों को थोड़ी बहुत ढील देनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय राज्य के मुख्यमंत्री, उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) द्वारा लिया जाएगा।

हसन मुश्रीफ ने आगे कहा कि, लॉकडाउ से उद्योग धंदे प्रभावित हो रहे हैं। गरीब घरों में खाने पीने की समस्या खड़ी हो गयी है। यदि अगले कुछ दिनों तक लॉकडाउन जारी रहा, तो लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी। इसलिए जिन क्षेत्रों में कोरोना का कोई प्रभाव नहीं है वहाँ लोगों को कर्फ्यू से थोड़ी राहत देनी चाहिए। हालांकि मुश्रिफ ने आगे यह भी जोड़ा कि, यह मेरी निजी राय है।

उन्होंने आगे कहा कि, कर्फ्यू के कारण लोग किसी तरह से 14 अप्रैल तक अपने घरों में रह लेंगे, लेकिन उसके बाद लोगों की मनःस्थिति ऐसी नहीं होगी कि वे आगे भी रह सके। 

उन्होंने कहा, ग्रामीण भागों में थोड़ा बहुत लॉकडाउन से राहत देनी चाहिए। और जिन गांवों को ढील देनी चाहिए उस गांवों में बाहरी के प्रवेश पर पुरी तरह से पाबंदी लगा देनी चाहिए।

मंत्री जी ने कहा, "लॉकडाउन के साथ-साथ लोगों की भावनाओं के बारे में मेरे विचार मुख्यमंत्री को बताए जाएंगे।"

आपको बता दें कि लॉकडाउन को आज 14 दिन हो जाएंगे, इसे समाप्त होने में अभी भी एक हफ्ता समय है। राज्य सरकार अब इस बात पर बैठक करने के बाद निर्णय लेगी कि इस लॉकडाउन को बढ़ाया जाए या नहीं, इस बात को लेकर आम जनता में भी संदेह का माहौल है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाएगा या फिर छूट दी जाएगी।

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