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राज्य के गृहनिर्माणमंत्री प्रकाश मेहता एक बार फिर मुसीबत में फस सकते है। बीएमसी ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करते हुए कोर्ट को बताया की विद्याविहार के तानसा तालाब के पाईपलाइन पर बसे गैरकानूनी झोपड़पट्टियों पर कार्रवाई करते समय गृहनिर्माण मंत्री प्रकाश मेहता ने कार्रवाई रोकी औऱ कार्रवाई का विरोध किया।

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इस प्रतिज्ञापत्र में सामाजिक कार्यकर्ता भगवानजी रैयानी ने प्रकाश मेहता पर सरकारी कामकाज रोकने के मामले में शिकायत दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होने कहा की अगर एेसे मामलों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो लोगों में गलत संदेश जाएगा। इस मामले में गुरुवार तीन बजे फिर से कोर्ट में सुनवाई रखी गई है।

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दरअसल भगवानजी रैयानी की दाखिल की गई याचिका पर उच्च न्यायालय ने 2009 में आदेश दिया था की पानी की पाइपलाईन के 10 मीटर के दायरे की जगह सुरक्षित और खाली रखी जाए। 15 अप्रैल को बीएमसी के अधिकारी जब तोड़क कार्रवाई करने पहुंचे तो बीएमसी के अनुसार प्रकाश मेहता ने उनकी कार्रवाई का विरोध किया।


जब इस बारे में प्रकाश मेहता से संपर्क किया गया तो उन्होने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।


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