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विधान परिषद चुनाव, MVA ने दिया BJP को झटका

इस चुनाव में शिवसेना (shiv sena), एनसीपी (ncp) और कांग्रेस (congress) ने एक साथ शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

विधान परिषद चुनाव, MVA ने दिया BJP को झटका
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महाराष्ट्र विधान परिषद (maharashtra vidhan parishad) के शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हुए चुनाव में सत्ताधारी महाविकास आघाड़ी (mva) सरकार ने BJP को जोरदार झटका दिया है। इन 6 सीटों के लिए 1 दिसंबर को हुए चुनाव हुआ था जबकि रिजल्ट 3 दिसंबर को आया। हालांकि गिनती अभी जारी है।

इस चुनाव में शिवसेना (shiv sena), एनसीपी (ncp) और कांग्रेस (congress) ने एक साथ शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ने का फैसला किया था। हालांकि गिनती अभी जारी है,, लेकिन अब तक 6 में से 4 स्नातक-शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों के अनुसार, कांग्रेस और NCP ने 3 सीटें जीती हैं। जबकि एक जगह परिणाम का इंतजार किया जा रहा है। तो वहीं BJP, जो विपक्षी पार्टी है, उसे मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ा है। धुले-नंदुरबार निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार अमरीश पटेल जीते हैं। औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, एनसीपी के सतीश चव्हाण और पुणे स्नातक अरुण लाड ने जीत हासिल की है।

नागपुर (nagpur) और पुणे (pune) में जहां पहले bjp के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, इस बार वहां आघाड़ी के जम्मीद्वार ने जीत दर्ज की है। पुणे की इस सीट पर बीजेपी को 20 साल बाद हार का सामना करना पड़ा है।

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत के लिए 1 लाख 15 हजार वोटों का कोटा तय किया गया था। इस हिसाब से महाविकास आघाड़ी के अरुण लाड ने सबसे अधिक 1 लाख 22 हजार 145 मतों से जीत दर्ज की। भाजपा के संग्राम देशमुख को 73,321 वोट मिले। भाजपा को नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी नुकसान हुआ है, इस विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस का गढ़ माना जाता है। यहां से अभिजीत वंजारी नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में जीते। जबकि भाजपा के संदीप जोशी दूसरे स्थान पर रहे।

एनसीपी (राकांपा) के उम्मीदवार सतीश चव्हाण, जिन्होंने औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार दो बार जीत दर्ज की थी, इस बार भी वे जीत दर्ज करते हुए उन्होंने जीत की हैट्रिक बनाई। सतीश चव्हाण को 1 लाख 16 हजार 638 वोट मिले। तो दूसरी ओर, भाजपा के शिरीष बोरलकर को 58 हजार 743 मतों से संतोष करना पड़ा।

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