जनसंपर्क कार्यालय चुनाव के बाद हो जाते हैं संपर्क से बाहर

मुंबई - चुनावी मौसम में शहर की गली-गली में पार्टियों के कार्यालय खुल जाते हैं। उम्मीदवार एक से ज्यादा जगहों पर चुनावी ऑफिसों का उद्घाटन करते हैं। जनता से संपर्क बनाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म हो जाने के बाद यही उम्मीदवार जनता की समस्या सुनने के लिए समय तक नही निकलाते। चुनाव प्रचार के दौरान 3 से 4 जगहों पर कार्यालय खोलने वाले उम्मीदवार जीतने के बाद एक भी कार्यालय में समय से नहीं मिलते।

मुंबईकरोंं का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद ये सारे जनसंपर्क कार्यालय गायब हो जाते हैं। जनता की आवाज सुनने के लिए नेता समय पर नहीं मिलते।

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