19 विधायकों के निलंबन के विरोध में उतरी शिवसेना

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19 विधायकों के निलंबन के विरोध में उतरी शिवसेना
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मुंबई - बजट सत्र के दौरान किसान कर्ज माफी को लेकर विरोध करनेवाले 19 विधायकों निलंबित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई। 18 मार्च को वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बजट पेश किया था। इस दौरान विरोधी दल के नेताओं ने सदन के भीतर ताली बजाकर विरोध किया था और बैनर दिखाए थे। निलंबन की इस कार्रवाई की गाज राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक जीतेंद्र आव्हाड, भास्कर जाधव, कांग्रेस के अब्दुल सत्तार के साथ अन्य विधायकों का समावेश है। निलंबित इन विधायकों पर सदन के भीतर हंगामा मचाते हुए बैनर लहराते हुए नारेबाजी करने के साथ अवमान करवे और बजट की प्रति को जलाने जैसी गतिविधियों से सदन की प्रतिमा मलीन होने और अवमान होने का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने हाथ में काला फीता बांधकर निषेध व्यक्त किया। 19 विधायकों पर कार्रवाई पीछे लेने के लिए विरोधी पक्ष के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ बैठक भी की। इस बैठकी में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी बाद में शामिल हुए। लेकिन बैठक के निष्फल होने के बाद विरोधी पक्ष के नेताओं ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव के साथ मुलाकात कर किसानों की कर्जमाफी के लिए आवाज उठाई। पूर्व वित्तमंत्री जयंत पाटील ने 'मुंबई लाइव' से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी।

वहीं 19 विधायकों के निलंबन का शिवसेना ने भी विरोध किया है। इसके लिए शिवसेना के नेताओं ने सीएम से मुलाकात कर विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग की। निलंबन की कार्रवाई रद्द करने की मांग के लिए शिवसेना शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस शिष्टमंडल में परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, पर्यावरण मंत्री रामदास कदम, विधायक सुनील प्रभू, विधायक विजय अवटी, विधायक अनिल कदम शामिल थे।


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