जिस कंपनी पर दर्ज है लापरवाही का मामला, उसी कंपनी को मिला मैग्नेटिक महाराष्ट्र के आयोजन का जिम्मा !

विजक्राफ्ट पर 14 फरवरी 2016 में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के दौरान आयोजन में लापरवाही करने के मामले में बीएमसी और पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी

  • जिस कंपनी पर दर्ज है लापरवाही का मामला, उसी कंपनी को मिला मैग्नेटिक महाराष्ट्र के आयोजन का जिम्मा !
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महाराष्ट्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने राज्य में तीन दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट, मैग्नेटिक महाराष्ट्र का आयोजन किया है। 18 फरवरी से होने वाले समिट से सरकार को 10 लाख करोड़ रूपये के निवेश की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य सरकार को इस समिट से 35 लाख रोजगार पैदा होने की भी उम्मीद है, लेकिन इस समिट की तैयारियों का जिम्मा उस कंपनी को दिया गया जिस पर पहले से आयोजन के दौरान लापरवाही का मामला दर्ज है।



विजक्राफ्ट इंटरनेशनल को इस आयोजन की तैयारी करने का जिम्मा दिया गया है। विजक्राफ्ट पर 14 फरवरी 2016 में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के दौरान आयोजन में लापरवाही करने के मामले में बीएमसी और पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बाद बी राज्य सरकार ने फिर से इस कंपनी को एक नया जिम्मा सौप दिया है।


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गिरगांव चौपाटी में आयोजित 'मेक इन इंडिया' सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गिरगांव चौपाटी में एक बड़े पैमाने पर आग लग गई, जिस समय ये आग लगी उस समय स्टेज के सामने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल भी बैठा हुआ था। जब इस मामले की जांच की गई तो अग्निशमन विभाग ने 18 फरवरी, 2016 को राज्य सरकार को एक रिपोर्ट भेजी और पाया की एलपीजी सिलेंडर को गिरगांव चौपाटी पर बिना किसी अनुमति के विजक्राफ्ट द्वारा लाया गया।


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जब इस मामले में उद्योगमंत्री सुभाष देसाई से संपर्क किया गया तो उन्होने कहा की हमने इस आयोजन के लिए सीआईआई को जिम्मा सौपा था, अब उन्होने आगे किसे ये कॉन्ट्रैक्ट दिया है ये उनकी जिम्मेदारी है, फिर भी हम इस मामले में विस्तृत जानकारी लेंगे । इसके साथ ही विजक्राफ्ट इंटरनेशल संस्था के संचालक सब्बास जोसेफ ने सभी तरह के आरोपों को खंडित किया है।

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