थोड़ा गम, फिर भी दिलों में उमंग

दादर– नोटबंदी का असर आम जनता पर पड़ना लाजमी हैं। नोटबंदी पर मुंबई लाइव ने तीन परिवारों से प्रतिक्रिया जाननी चाही, जिसमें हमें इन परिवारों की मिली जुली प्रतिक्रया मिली। माहिम निवासी एडवोककेट और डॉक्टर साधना महाशब्दे वे 16 सालों से हायकोर्ट में वकालत कर रही हैं। 1000-500 रुपए के नोट बंद होने से इनके व्यवसाय पर फटका लगा है। महाशब्दे का कहना है कि नोटबंदी से हमारा घर चलाना मुश्किल है, पर महीना घर के खर्च में 15 हजार से 20 हजार रुपए खर्च होते हैं। व्यवसाय धीमा होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं दादर निवासी पुलेकर परिवार का गणपति बनाने का कारखाना है। इस परिवार में 5 लोग रहते हैं। नोटबंदी से उन्हें समस्याओं का सामना तो करना पड़ रहा है, पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी का स्वागत किया है।

दादर निवासी बामणे परिवार में एक ही व्यक्ति कमाने वाला है वे हैं गंगाधर बामने। उनकी कमाई महीने की 13 हजार रुपए है जिसमें से उनका काफी पैसा मां पिता की दवाईयों में भी जाता है, फिर भी उन्होंने नोटबंदी के निर्णय का स्वागत किया है।

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