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CSTM स्टेशन पर यात्रियों के लिए 'रेस्टोरेंट ऑन व्हील' सुविधा, रेलवे के डब्बा बनेंगे रेस्टोरेंट

रेलवे के जो डब्बा यूज नहीं हो रहे हैं, ऐसे डब्बों को रेस्तरां में परिवर्तित किया जाएगा और विभिन्न खाद्य पदार्थों को वहां उपलब्ध कराया जाएगा।

CSTM स्टेशन पर यात्रियों के लिए 'रेस्टोरेंट ऑन व्हील' सुविधा, रेलवे के डब्बा बनेंगे रेस्टोरेंट
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रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुविधाएं प्रदान की हैं। इसी कड़ी में यात्रियों के लिए मध्य रेलवे प्रशासन अब छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए एक नया तरह का रेस्टोरेंट प्रदान करेगा। जिसके द्वारा यात्री रेस्टोरेंट में स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे। यह सुविधा एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों के द्वारा लंबी दूरी तय करने वाले के लिए भी उपलब्ध होगी। इसके लिए रेलवे 'रेस्टोरेंट ऑन व्हील' मुहिम शुरु करने जा रहा है। 

रेलवे के जो डब्बा यूज नहीं हो रहे हैं, ऐसे डब्बों को रेस्तरां में परिवर्तित किया जाएगा और विभिन्न खाद्य पदार्थों को वहां उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे को इससे अच्छी आय मिलने की उम्मीद है और इसके लिए एक निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि CSMT, दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस में स्टॉल हैं, जहां सेंट्रल रेलवे से मेल-एक्सप्रेस रवाना होती हैं, लेकिन कोई छोटा रेस्टोरेंट नहीं है। जहां आप बैठकर अपने भोजन का आनंद ले सकें।

कई स्टेशन और टर्मिनस के बाहर होटल या रेस्टोरेंट पर यात्रियों को निर्भर रहना पड़ता था। इसलिए, भारतीय रेलवे ने रेलवे सीमाओं के भीतर यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता वाले रेस्टोरेंट और भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'रेस्टोरेंट ऑन व्हील' अवधारणा पेश की है। मध्य रेलवे ने अवधारणा को अपनाया है और इसे CSMT स्टेशन की सीमा में स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इस प्रक्रिया के द्वारा ट्रेन के ऐसे डब्बे को रेस्टोरेंट में तब्दील किया जाएगा, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है। यह काम रेस्टोरेंट चलाने वाली कंपनी करेगी। मध्य रेलवे ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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'रेस्टोरेंट ऑन व्हील'

  • सीएसएमटी के 18 नंबर प्लॅटफॉर्म के बाहर (पी.डी मेल रोड की दिशा में) यहां पर काफी जगह है यहां पर एक बड़ा रेस्टोरेंट बन सकेगा।  
  • 50 लोगों के बैठने की क्षमता। 
  • रेलवे डब्बा के बाहर काफी जगह होने के कारण डब्बा के बाहर भी टेबल कुर्सी रखने की परमिशन दी जा सकती है।  
  • ठेकेदार को इसके लिए 28 लाख रुपए खर्च करने होंगे।

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