विसर्जन के दौरान डीजे पर लगी रोक बरकरार

इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि त्योहारों का आना जाना तो हमेशा लगा रहेगा, लेकिन त्यौहारों में आवाज पर प्रतिबंध लगाना कितना सही है इस पर विचार करना होगा। कोर्ट ने इस बारे में सरकार को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था।

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राज्य सरकार की तरफ से डीजे और साउंड सिस्टम वालों को कोई राहत नहीं मिली है। राज्य सरकार ने भी गणपति विसर्जन में डीजे बजाने पर बैन स्थगित करने से इनकार कर दिया है। अब गणेशोत्‍सव में डीजे और साउंड सिस्‍टम बजाने पर फिलहाल रोक लगी रहेगी। इसके पहले हुई सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 19 सितंबर तक सुनवाई टाल दी थी और इस मामले में राज्य सरकार को भी पक्ष रखने का आदेश दिया था।

'सरकार रखे अपना पक्ष'
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि त्योहारों का आना जाना तो हमेशा लगा रहेगा, लेकिन त्यौहारों में आवाज पर प्रतिबंध लगाना कितना सही है इस पर विचार करना होगा। कोर्ट ने इस बारे में सरकार को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। बुधवार 19 सितंबर को हुई सुनवाई में भी राज्य सरकार ने डीजे और साउंड सिस्टम पर से बैन हटाने से इनकार कर दिया।


पढ़ें: डीजे वालों को राज ठाकरे का समर्थन, कहा- मंडल को आपत्ति नहीं तो बजाओ


'फैसला आने तक न हो कार्रवाई' 
इस बैन को लेकर प्रोफेशनल ऑडियो एंड लाइटनिंग एसोसिएशन ने विरोध दर्ज करते हुए अपनी तरफ से भी याचिका दाखिल की थी और अपने व्यापार को लेकर चिंता जताई थी।  मांग करते हुए इनकी तरफ से निवेदन किया गया था कि जब तक मामले का फैसला नहीं आ जाता तब तक डीजे वालों पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

राज ठाकरे से मदद की गुहार 
इसके पहले डीजे वालों ने बंदी को लेकर एमएनएस चीफ राज ठाकरे से उनके घर जाकर मुलाकात की थी और इस विषय पर मदद मांगी थी। राज ठाकरे ने स्पष्ट किया था कि अगर मंडल को कोई परेशानी नहीं है तो डीजे बजाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। राज ठाकरे ने यह भी कहा था कि मामला कोर्ट में है इसीलिए वे कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे।


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