'वंदे मातरम्' पर भिड़ने वाले पुरोहित-पठान का विवाद महज दिखावा?

 Mumbai
'वंदे मातरम्' पर भिड़ने वाले पुरोहित-पठान का विवाद महज दिखावा?

बीजेपी के विधायक राज पुरोहित और AIMIM के विधायक वारिस पठान के बीच 'वंदे मातरम्' को लेकर जिस तरह से आपस में उलझ गये वह सभी समाचार पत्रों और ख़बरों की सुर्ख़ियों में छाया रहा। दोनों एक दुसरे के साथ जिस तरह का व्यवहार कर रहे थे उससे लग रहा था कि दोनों एक दुसरे को नापसंद करते हैं। लेकिन क्या यह लड़ाई व्यक्तिगत थी या फिर राजनीतिक? क्योंकि, कहते हैं राजनीति में दो जैसा दिखता है अमूमन वैसा होता नहीं है। राजनीति में मुद्दे को हौव्वा बनाकर आसानी से वोट हासिल किया जा सकता है। मुंबई लाइव के हाथ एक ऐसे फोटो लगी है जिसे देख कर यही आशंका आती है कि, वारिस पठान और राज पुरोहित की झगड़ा क्या दिखावा था?

दुश्मनी या दोस्ती?

इस फोटो में कुलाबा निर्वाचनक्षेत्र के विधायक राज पुरोहित और भायखला के विधायक वारिस पठान दोनों मुईन अशरफ के साथ बैठे हुए नजर आ रहे हैं। अशरफ नागपाड़ा इलाके में 'बाबा बंगाली' के नाम से काफी फेमस हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि, अशरफ को पुलिस ने अगस्त 2012 में आज़ाद मैदान में हुए दंगे मामले में आरोपी नंबर सात घोषित किया हुआ है। इस फोटो में दोनों पार्टी के विधायक एक साथ बड़े आराम से बैठे हुए है। ये वहीँ विधायक है जो वंदे मातरम् को लेकर एक दुसरे का कॉलर पकड़ रहे थे। तो क्या वह लड़ाई महज एक दिखावा था लोगों की सहानभूति हासिल करने का? या फिर राष्ट्रीयता के तवे पर वोटो की रोटी सेंकने का?



क्या हुआ था विधानभवन परिसर में?

महाराष्ट्र में चल रहे मानसून अधिवेशन के दौरान वंदे मातरम् को लेकर तमाम पार्टियों में काफी गहमा गहमी देखने को मिली. यहां तक कि विधान भवन के बाहर शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े को वारिस पठान और समाजवादी पार्टी के अबू आजमी वंदे मातरम् न कहने का मतलब समझाते नगर आए। तावड़े इनको बड़े ध्यान से सुनते हुए नजर आ रहे हैं और उनके हाव भाव से लग रहा है कि जो भी इनके द्वारा कहा गया तावड़े उसे भलीभांति समझ भी गये। तभी पुरोहित न जाने कहां से आ जाते हैं और माहौल को गर्म कर देते हैं। यह देख तावड़े आगे बढ़ जाते हैं और अबू अाज़मी भी चल देते हैं लेकिन वारिस पठान और पुरोहित आपस में उलझ जाते हैं। पठान और पुरोहित के बीच विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद लोगों ने इनको अलग किया।



अशरफ के साथ फोटो को लेकर मुंबई लाइव ने दोनों नेताओं से संपर्क किया।


विचारों की लड़ाई?

वारिस पठान के साथ मेरी सैद्धांतिक लड़ाई है। किसी भी कार्यक्रम में एक साथ आने या बैठने पर यह मतलब नहीं है कि, हम एक साथ आएं हैं या हमारी दोस्ती है। वंदे मातरम् नहीं कहने पर मैं उनका निषेध करता हूँ। लेकिन इसके लिए मैं उन पर बन्दुक तो नहीं तान सकता ना। मैं अभी भी वारिस पठान और उनकी पार्टी का विरोध करता हूँ। मैं आज भी बोलता हूँ कि MIM पार्टी को बंद करना चाहिए।

राज पुरोहित, 

विधायक, भाजपा


आप जिस फोटो की बात कर रहे हो वह एक उरुस के दौरान खींचा गया था। जहां मैं और भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के नेता भी मौजूद थे। उसमें बीजेपी की तरफ से राज पुरोहित भी थे। इस कार्यक्रम में एक साथ होने का यह मतलब यह नहीं है कि हम मित्र हो गए।


वारिस पठान, 

विधायक, एमआइएम


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