बीजेपी-शिवसेना सीट बंटवारा: उद्धव ठाकरे ने कही बड़ी बात

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले भले ही इन दोनों पार्टियों के बीच 50-50 का फार्मूला तय हुआ हो लेकिन बीजेपी के कई नेता इस फार्मूला को लेकर खुश नहीं हैं।

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विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी-शिवसेना के बीच सीट बंटवारे पर अभी भी पेंच फंसा हुआ है, हालांकि लोकसभा चुनाव के पहले बीजेपी-शिवसेना के बीच विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे पर 50-50 का फार्मूला तय हुआ था। लेकिन अब शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे का कहना है कि इस बारे में अंतिम निर्णय बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आणि मैं, हम तीन लोग ही लेंगे।

क्या कह उद्धव ने?  
पालघर जिले के बोईसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और बहुजन विकास आघाड़ी के नेता विलास तरे ने उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में शिवसेना का दामन थाम लिया। उस मौके पर पत्रकारों ने जब उद्धव ठाकरे से बीजेपी के साथ सीट बंटवारे का सवाल पूछा तो उद्धव ने कहा कि, कौन क्या बोल रहा है वे किसी की बातों पर ध्यान नहीं  देते। इसिलिए वे चंद्रकांत पाटिल के बयान को महत्व देंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय हम तीन मैं, मुख्यमंत्री और अमित शाह ही लेंगे।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कुछ महीने पहले  कहा था कि बीजेपी 135 से अधिक सीटों पर लड़ेंगे, जबकि बची हुई सीटों पर शिवसेना और अन्य सहयोगियों के खाते में जाएगी।

50-50 के फार्मूले पर बीजेपी सहमत नहीं
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले भले ही इन दोनों पार्टियों के बीच 50-50 का फार्मूला तय हुआ हो लेकिन बीजेपी के कई नेता इस फार्मूला को लेकर खुश नहीं हैं। इसका कारण विधानसभा और लोकसभा चुनाव का परिणाम है जिस पर बीजेपी ने काफी बढ़त हासिल की।

इसका एक कारण यही भी हो सकता है कि, बीजेपी को लगता है कि शिवसेना सहित अन्य सहयोगियों के उम्मीदवार पीएम मोदी के नाम पर जीत रहे हैं। साथ ही गठबंधन में बीजेपी के उम्मीदवार को जीतने का प्रतिशत अधिक है।

पढ़ें: बहुजन विकास आघाडी के विलास तरे शिवसेना में शामिल

बीजेपी के पास सीट अधिक
गौरतलब है कि बीजेपी के पास इस समय विधानसभा में  122 विधायक हैं साथ ही उसे 6 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन मिला है। इसके अलावा कांग्रेस और एनसीपी के 4 विधायकों ने भी अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गये है। इस तरह कुल मिलाकर बीजेपी के साथ 132 वर्तमान विधायक हैं। जबकि शिवसेना के पास 63 विधायक हैं।

यही नहीं साल  2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना ने मतभेद के चलते अलग-अलग चुनाव लड़ा था. उस समय बीजेपी ने 260 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ते हुए  122 सीटो पर जीत दर्ज की थी तो वहीं शिवसेना ने भी 282 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए  63 सीटों पर  परचम फहराया था। इसके साथ ही कांग्रेस और एनसीपी ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ा था। जिसमे कांग्रेस ने 287 सीटों पर 42 तो  एनसीपी ने 278 सीटों 41 सीटों पर कब्जा जमाया था।  

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